धौलाना (हापुड़)। तहसील धौलाना में लागू की गई फ्रंट ऑफिस व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। बुधवार को आंदोलन आठवें दिन भी जारी रहा। बार एसोसिएशन के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए तहसील परिसर में धरना दिया और सरकार से नई व्यवस्था को तत्काल वापस लेने की मांग की।
धरने के दौरान अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि फ्रंट ऑफिस व्यवस्था वर्तमान कार्यप्रणाली के अनुकूल नहीं है और इससे अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों तथा आम नागरिकों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उनका आरोप है कि नई व्यवस्था लागू होने से तहसील स्तर पर होने वाले कार्यों की गति प्रभावित होगी और पारंपरिक व्यवस्था में अनावश्यक बदलाव से समस्याएं बढ़ेंगी।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार शिशौदिया ने कहा कि सरकार को इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की आपत्तियों को नजरअंदाज कर व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है। जब तक आदेश वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बार एसोसिएशन के सचिव मोहम्मद फहीम ने कहा कि नई व्यवस्था से अधिवक्ताओं और बैनामा लेखकों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
बैनामा लेखक संघ के अध्यक्ष सोमपाल सिंह ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि इस व्यवस्था का असर हजारों परिवारों पर पड़ सकता है। उन्होंने सरकार से जनहित और रोजगार से जुड़े पहलुओं को ध्यान में रखते हुए फैसले पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उधर, आंदोलन और न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का असर अब तहसील के कामकाज पर भी साफ दिखाई देने लगा है। रजिस्ट्री समेत कई राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले किसान और आम नागरिकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। आंदोलन लंबा खिंचने से प्रशासनिक कार्यों पर भी असर बढ़ता जा रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।
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