धौलाना। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लागू की गई फ्रंट कार्यालय व्यवस्था के विरोध में तहसील धौलाना में अधिवक्ताओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। गुरुवार को आंदोलन के नौवें दिन अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और स्टांप वेंडरों का आक्रोश खुलकर सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने तहसील का मुख्य गेट बंद कर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और स्टाम्प एवं निबंधन राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल का पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया।
धरनास्थल पर जुटे अधिवक्ताओं ने सरकार की नई व्यवस्था को जनविरोधी और तानाशाहीपूर्ण बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि फ्रंट कार्यालय व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और आम नागरिकों के हित प्रभावित होंगे तथा कार्यप्रणाली में अनावश्यक जटिलताएं पैदा होंगी।
बार एसोसिएशन धौलाना के अध्यक्ष विनोद सिसोदिया ने कहा कि सरकार का यह निर्णय अधिवक्ताओं के अधिकारों और उनके कार्यक्षेत्र पर सीधा प्रहार है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता न्यायिक व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी राय लिए बिना इस प्रकार के निर्णय थोपना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस आदेश को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसे प्रदेशव्यापी आंदोलन में भी बदला जा सकता है। इस दौरान बड़ी संख्या में अधिवक्ता, बैनामा लेखक, स्टांप वेंडर तथा अन्य लोग धरना-प्रदर्शन में शामिल रहे। आंदोलन के चलते तहसील परिसर में दिनभर गहमागहमी का माहौल बना रहा।
.jpg)




.jpeg)






.jpeg)
.jpeg)


Social Plugin