हापुड़।
मानसिक समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए विशेषज्ञों द्वारा की गई नियमित काउंसिलिंग और दवा उपचार कारगर साबित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की पहल से अब तक 362 मरीजों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। ये वे लोग थे जो अवसाद, तनाव और नकारात्मक विचारों से परेशान थे।
चिकित्सकों के अनुसार कोरोना महामारी के बाद मानसिक रोगों के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई। कई मरीजों ने अनजानी आवाजें सुनाई देने, किसी की मौजूदगी का एहसास होने या बेवजह घबराहट जैसी समस्याएं बताईं। लंबे समय तक इन लक्षणों से परेशान रहने के कारण कुछ मरीजों के मन में आत्महत्या जैसे विचार भी आने लगे थे।
स्थिति को गंभीरता से लेते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिकित्सकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया और मरीजों की व्यवस्थित काउंसिलिंग शुरू की गई। लक्षणों के आधार पर दवाएं दी गईं। शुरुआत में निर्धारित मात्रा में दवा दी गई, बाद में सुधार होने पर खुराक घटा दी गई। निरंतर परामर्श और उपचार के चलते 362 मरीज सामान्य जीवन की ओर लौटने में सफल रहे।
अब ये लोग नियमित रूप से योग, व्यायाम और ध्यान को अपनाकर मानसिक संतुलन बनाए रख रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक 500 से अधिक मरीजों का उपचार अभी जारी है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि मानसिक बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर अंधविश्वास या झाड़-फूंक के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें, क्योंकि सही समय पर इलाज से पूर्ण स्वस्थ होना संभव है।
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