HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत जनपद में अपेक्षित प्रगति नहीं हो पा रही है। खासतौर पर कुछ निजी बैंकों के कमजोर प्रदर्शन के कारण जिले की रैंकिंग गिरकर प्रदेश में 59वें स्थान पर पहुंच गई है। कुल लक्ष्य के मुकाबले अब तक करीब 69 प्रतिशत मामलों में ही ऋण वितरण हो सका है।
योजना के अंतर्गत जिले को 1700 लाभार्थियों का लक्ष्य मिला था। इसके सापेक्ष 3146 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 2745 प्रस्ताव जांच के बाद बैंकों को भेजे गए। बैंकों ने 1188 आवेदनों में ऋण स्वीकृत किया और 1169 युवाओं को धनराशि वितरित की गई। बड़ी संख्या में आवेदन विभिन्न कारणों से निरस्त या लंबित हैं, जिससे पात्र युवाओं को इंतजार करना पड़ रहा है।
उद्योग विभाग का कहना है कि दस्तावेजों की प्रारंभिक जांच विभाग स्तर पर की जाती है, इसके बावजूद बैंकों द्वारा आपत्तियां लगाकर मामलों को रोका जा रहा है। इस पर उपायुक्त उद्योग खुशबू सिंह ने हाल ही में कम प्रगति वाले बैंक प्रबंधकों को चेतावनी दी थी। उन्होंने संकेत दिया है कि सुधार न होने पर उच्च स्तर पर कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
जिन बैंकों का प्रदर्शन शून्य प्रतिशत बताया जा रहा है, उनमें बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक लिमिटेड, कोटक महिंद्रा बैंक, उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक, शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक तथा यूपी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक शामिल हैं। इन सभी को अलग-अलग 108 प्रकरणों का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब तक कोई उपलब्धि दर्ज नहीं की गई।
प्रशासन का दावा है कि योजना की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार के लिए वित्तीय सहायता मिल सके और जनपद की रैंकिंग में सुधार हो।
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