दौताई गांव में फर्जी दस्तावेजों के सहारे पहचान बदलकर रहने का मामला उजागर
गढ़मुक्तेश्वर। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के दौरान दौताई गांव में एक संदिग्ध मामला सामने आया है। जांच के दौरान पता चला कि बांग्लादेश मूल की एक महिला ने अपना नाम बदलकर स्थानीय मतदाता सूची में पंजीकरण करा लिया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला का असली नाम महमूदा बताया जा रहा है, जबकि मतदाता सूची में उसका नाम रानी बेगम दर्ज है। वर्ष 2024 में उसने गढ़ विधानसभा क्षेत्र से वोटर आईडी कार्ड बनवाया। आरोप है कि यह कार्य ग्राम प्रधान के कथित लेटरपैड के आधार पर किया गया।
बताया गया कि गांव निवासी मशरूफ वर्ष 2021 में रोजगार के लिए सऊदी अरब गया था, जहां उसकी मुलाकात महमूदा से हुई। बाद में दोनों भारत आए और दिल्ली में धार्मिक रीति से विवाह किया। इसके पश्चात वे दोबारा विदेश चले गए। वर्तमान में उनके तीन बच्चे हैं।
एसआईआर प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची के दस्तावेजों के मिलान के दौरान महिला के कागजात संदिग्ध पाए गए। इसके बाद पुलिस ने दौताई गांव स्थित उनके घर पर दबिश दी, लेकिन टीम के पहुंचने से पहले ही परिवार वहां से जा चुका था। तलाशी के दौरान कुछ दस्तावेज, जिनमें पासपोर्ट और पहचान पत्र शामिल हैं, बरामद किए गए।
ग्राम प्रधान अफसाना ने कहा कि उनके नाम से जारी बताया जा रहा लेटरपैड और हस्ताक्षर फर्जी हैं तथा उन्होंने इस संबंध में पुलिस को लिखित शिकायत दी है।
क्षेत्राधिकारी स्तुति सिंह के अनुसार, महिला और उसके पति के खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कराने और विदेशी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। दोनों की तलाश जारी है।
वहीं उपजिलाधिकारी श्रीराम यादव ने कहा कि उनके संज्ञान में ऐसा कोई औपचारिक मामला नहीं आया है। फिलहाल पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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