पिलखुवा। पबला रोड स्थित जीएस विश्वविद्यालय में 25 फरवरी को गुड क्लीनिकल प्रैक्टिस (जीसीपी) विषय पर कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य शोधकर्ताओं और चिकित्सकों को नैदानिक अनुसंधान के नैतिक और वैज्ञानिक मानकों के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यशाला का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. मोनिका शर्मा, डॉ. सुरभि गुप्ता, डॉ. कुलदीप गोगिया, संकायाध्यक्ष डॉ. प्रदीप गर्ग, डॉ. ज्योत्सना शर्मा, डॉ. शिप्रा कौशिक और डॉ. रजनी रॉय ने दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना शर्मा ने पीजी छात्रों और उपस्थित प्रतिभागियों को जीसीपी के महत्व और उसके व्यावहारिक पक्षों से अवगत कराया। हड्डी रोग विभाग के प्रमुख डॉ. कुलदीप गोगिया ने नैदानिक अनुसंधान में चिकित्सकों की भूमिका और जिम्मेदारियों पर विस्तार से प्रकाश डाला। औषध विज्ञान विभाग की प्राध्यापक डॉ. शिप्रा कौशिक ने राष्ट्रीय एथिकल गाइडलाइंस की प्रमुख बातों को समझाया।
सुभारती मेडिकल कॉलेज की औषध विभागाध्यक्ष डॉ. सुरभि गुप्ता ने एनडीसीटी नियम 2019 की प्रमुख विशेषताओं पर चर्चा की, जबकि सहायक प्राध्यापक डॉ. रजनी कुमारी रॉय ने सूचित सहमति और गोपनीयता के महत्व पर जानकारी दी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डॉ. अपूर्वा गुप्ता, डॉ. श्रेष्ठा और मुस्कान वैद्य का विशेष योगदान रहा।।समापन अवसर पर संकायाध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार गर्ग ने वक्ताओं और आयोजन समिति को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। अंत में औषध विभागाध्यक्ष डॉ. ज्योत्सना शर्मा ने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
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