दरअसल, अगस्त 2025 में वाटर कूलर खरीद प्रक्रिया को शिकायत मिलने के बाद निरस्त कर दिया गया था। आरोप था कि बाजार कीमत से अधिक दर पर वाटर कूलर खरीदे जा रहे हैं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने पूरी प्रक्रिया रद्द कर दी थी। इसके बाद नगर पालिका को दोबारा टेंडर जारी करना था, लेकिन अब तक यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है।
शहर में पहले से लगे लगभग 24 वाटर कूलरों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। कई कूलर खराब पड़े हैं, जबकि कुछ स्थानों पर साफ पेयजल उपलब्ध नहीं हो रहा। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की जरूरत बढ़ रही है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नगर पालिका अधिकारियों का कहना है कि 15वें वित्त आयोग के प्रस्ताव के तहत योजना को दोबारा आगे बढ़ाया जा रहा है और प्रस्ताव प्रशासन को भेजा गया है। प्रयास किया जा रहा है कि मई माह के मध्य तक शहर के विभिन्न स्थानों पर वाटर कूलर स्थापित कर दिए जाएं। साथ ही खराब पड़े कूलरों की मरम्मत भी कराई जाएगी।
अधिशासी अधिकारी संजय कुमार मिश्र ने बताया कि योजना को जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है और लोगों को गर्मी में पेयजल की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
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