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लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी नहीं हो सका संचालन, गांवों में गंदगी बढ़ी
गढ़मुक्तेश्वर। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत गढ़ ब्लॉक के विभिन्न गांवों में बनाए गए कूड़ा अपशिष्ट प्रबंधन केंद्र अभी तक शुरू नहीं हो सके हैं। लाखों रुपये की लागत से तैयार किए गए ये केंद्र बंद पड़े हैं, जिसके चलते कचरा निस्तारण की व्यवस्था बिगड़ गई है और सरकारी धन के सही उपयोग पर सवाल उठने लगे हैं।
गांव हिरनपुरा और मानकचौक में बने कूड़ा केंद्रों की स्थिति देखने पर पता चला कि दोनों स्थानों पर केंद्र बंद हैं और आसपास कचरे के ढेर लगे हुए हैं। दुर्गंध और गंदगी के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है तथा संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन केंद्रों को चालू कराने की दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ब्लॉक क्षेत्र में बने अधिकतर कूड़ा निस्तारण केंद्र निष्क्रिय पड़े हैं, जिससे स्वच्छता अभियान की योजनाएं धरातल पर सफल नहीं हो पा रही हैं। कूड़ा प्रबंधन की व्यवस्था न होने से लोग खुले में कचरा फेंकने को मजबूर हैं, जिससे पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
बीडीओ विजय कुमार ने बताया कि कूड़ा निस्तारण केंद्रों को संचालित करने के लिए स्वयं सहायता समूह की जरूरत होती है। समूह को प्रशिक्षण देने के बाद केंद्रों को चालू कराया जाएगा, ताकि कचरे का सही तरीके से निस्तारण हो सके।
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