HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ एंड हॉस्पिटल (SIMS) ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल में पहली बार एक जटिल आर्टेरियोवेनस (एवी) फिस्टुला सर्जरी सफलतापूर्वक कर किडनी मरीजों के लिए दीर्घकालिक और सुरक्षित डायलिसिस का रास्ता आसान कर दिया गया है। इससे अब क्षेत्र के मरीजों को इस प्रकार की सर्जरी के लिए दिल्ली जैसे बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यह सर्जरी 47 वर्षीय महिला मरीज पर की गई, जो लंबे समय से क्रॉनिक किडनी डिज़ीज़ (CKD) से पीड़ित थीं और जनवरी से सप्ताह में दो बार हीमोडायलिसिस ले रही थीं। मरीज टाइप-2 डायबिटीज से भी ग्रसित थीं, जिसके कारण उनकी रक्त वाहिकाएं अत्यंत कमजोर हो चुकी थीं। भर्ती के समय उन्हें पूरे शरीर में सूजन, अत्यधिक थकान और नसों की नाजुक स्थिति जैसी जटिल समस्याएं थीं, जिससे स्थायी डायलिसिस एक्सेस तैयार करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
प्रारंभिक उपचार के दौरान डायलिसिस सेंट्रल वेनस कैथेटर के माध्यम से किया गया, जो अस्थायी उपाय होता है और इसमें संक्रमण तथा रक्त के थक्के बनने का खतरा अधिक रहता है। मरीज की दीर्घकालिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकीय टीम ने स्थायी समाधान के रूप में एवी फिस्टुला बनाने का निर्णय लिया, जिसे डायलिसिस के लिए “गोल्ड स्टैंडर्ड” माना जाता है। जटिल सर्जरी को असिस्टेंट प्रोफेसर एवं परामर्शदाता प्लास्टिक सर्जन डॉ. शिप्रा गर्ग ने अत्यंत कुशलता से अंजाम दिया। उन्होंने मरीज के बाएं ऊपरी हाथ में ब्रैकियल आर्टरी और सेफेलिक वेन के बीच एनास्टोमोसिस कर सफलतापूर्वक एवी फिस्टुला तैयार किया। कमजोर नसों और जटिल स्थिति के बावजूद सर्जरी को उच्च स्तरीय तकनीक और सावधानी के साथ पूरा किया गया।
यह प्रक्रिया विभागाध्यक्ष डॉ. अमित अग्रवाल के मार्गदर्शन में मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा की गई। टीम में डॉ. खाव्या ए.आर., डॉ. मल्लिका, ऑपरेशन थिएटर टेक्नीशियन अजय तथा अनुभवी एनेस्थीसिया टीम शामिल रही। सभी ने समन्वय और दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए जटिल ऑपरेशन को सफल बनाया।
सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और जल्द ही उन्हें नए एवी फिस्टुला के माध्यम से सुरक्षित व प्रभावी डायलिसिस मिल सकेगा, जिससे उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार की संभावना है।
अस्पताल प्रबंधन ने इसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए पूरी मेडिकल टीम की सराहना की। प्राचार्य डॉ. बरखा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त तथा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. मेजर जनरल चरणजीत सिंह अहलूवालिया ने कहा कि यह सफलता अस्पताल की उन्नत चिकित्सा क्षमता और मरीजों के प्रति समर्पण का प्रमाण है।
संस्थान के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचंद्रन तथा वाइस चेयरपर्सन राम्या रामचंद्रन ने भी टीम को बधाई देते हुए कहा कि SIMS भविष्य में भी क्षेत्र के लोगों को उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। आधुनिक उपकरणों, विशेषज्ञ डॉक्टरों और अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ SIMS हापुड़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक भरोसेमंद सुपर-स्पेशियलिटी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है।
.jpg)


.jpeg)





.jpeg)
.jpeg)

.jpeg)



Social Plugin