हापुड़ में करोड़ों रुपये के एक पुराने बैंक घोटाले के मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया है। न्यायालय के निर्देश पर थाना हापुड़ देहात पुलिस ने महामेधा अर्बन कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से जुड़े 35 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शिकायतकर्ता गौतमबुद्धनगर के फेस-2 थाना क्षेत्र के सेक्टर-80 निवासी जाकिर खान ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्हें अपनी कृषि भूमि के मुआवजे के रूप में लगभग आठ करोड़ रुपये मिले थे। यह राशि उन्होंने नोएडा के सेक्टर-49 स्थित बैंक शाखा में अपने खाते में जमा कराई थी। आरोप है कि बैंक से जुड़े अधिकारियों और अन्य लोगों ने मिलकर इस रकम का दुरुपयोग किया और उसे हड़पने की योजना बनाई।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने जमाकर्ताओं की रकम का इस्तेमाल कर हापुड़ जिले के ततारपुर क्षेत्र में करीब 19.59 हेक्टेयर भूमि खरीद ली। बाद में साजिश के तहत बैंक को दिवालिया घोषित करा दिया गया।
बताया गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 21 अगस्त 2017 को बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया था, जिसके बाद मेरठ मंडल के संयुक्त आयुक्त एवं निबंधक के माध्यम से परिसमापक नियुक्त किया गया।
आरोप यह भी है कि इसके बावजूद संबंधित लोगों ने आपसी मिलीभगत से उक्त संपत्ति को अपने परिचितों के नाम पर रजिस्ट्री कर दी। सहकारी विभाग ने 31 दिसंबर 2020 और 27 जनवरी 2021 को संपत्ति कुर्क करने के आदेश दिए थे, लेकिन इन आदेशों के खिलाफ लखनऊ स्थित सहकारी न्यायाधिकरण में अपील की गई, जिसे 30 मई 2022 को खारिज कर दिया गया।
इसके बाद भी एक दिसंबर 2025 को कथित तौर पर कुर्क की गई जमीन को विभिन्न कंपनियों के माध्यम से एक बिल्डर फर्म को बेच दिया गया। रजिस्ट्रियों में गवाह जोड़कर पूरे मामले को वैध दिखाने की कोशिश भी की गई।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और संबंधित दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
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