HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
बहन की सगाई और शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब 32 वर्षीय युवक गौरव घर से ढाई लाख रुपये लेकर बाजार के लिए निकला और फिर वापस नहीं लौटा। चार दिन बीत जाने के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लग सका। परिवार जहां एक ओर बेटी की सगाई और शादी की रस्में निभाने को मजबूर था, वहीं दूसरी ओर बेटे की तलाश में थानों और रिश्तेदारों के यहां चक्कर काटता रहा। नम आंखों के साथ परिजनों ने बेटी की शादी संपन्न कराई, लेकिन बेटे की राह देखते-देखते पूरा परिवार टूट गया।
मामला हापुड़ क्षेत्र का है। परिजनों के अनुसार 25 अप्रैल को गौरव अपनी बहन की सगाई के दिन सुबह करीब आठ बजे घर से निकला था। उसे बहन की सगाई के लिए फर्नीचर और अन्य जरूरी सामान खरीदना था। इसके लिए वह अपने साथ ढाई लाख रुपये लेकर बाजार जाने की बात कहकर निकला था। घर से निकलते समय उसकी मां ने कहा था कि किसी को साथ ले जा, ताकि सामान लाने में आसानी हो जाए। इस पर गौरव ने कहा कि उसके दोस्त साथ में जाएंगे और वह जल्द लौट आएगा।
गौरव जिन दोस्तों का जिक्र कर रहा था, वे फर्नीचर की दुकान पर उसका इंतजार कर रहे थे। काफी देर तक जब वह नहीं पहुंचा तो दोस्तों ने उसे फोन किया, लेकिन उसका मोबाइल बंद मिला। इसके बाद दोस्तों ने गौरव के घर फोन कर जानकारी दी। परिजनों ने बताया कि वह काफी देर पहले ही घर से निकल चुका है। यह सुनते ही परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई और सभी उसकी तलाश में जुट गए।
रिश्तेदारों, दोस्तों और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी गौरव के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। जैसे-जैसे समय बीतता गया, परिवार की बेचैनी बढ़ती गई। बेटी की सगाई का घर अचानक चिंता और भय के माहौल में बदल गया। परिजन सगाई की रस्मों को भूलकर गौरव की तलाश में निकल पड़े।
परिवार ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। पुलिस ने गौरव की फोटो और अन्य विवरण लेकर जांच शुरू कर दी। इसके बावजूद अगले दिन तक भी गौरव का कोई पता नहीं चल सका। इसी बीच परिवार को बेटी की सगाई और फिर शादी की जिम्मेदारी भी निभानी थी। परिजनों ने भारी मन और आंखों में आंसू लेकर बेटी की सगाई संपन्न कराई।
अगले दिन बेटी की शादी थी। एक तरफ शादी की तैयारियां थीं, दूसरी तरफ बेटे की चिंता। परिवार का एक सदस्य थाने के चक्कर लगा रहा था तो दूसरा शादी की व्यवस्थाओं में लगा था। शाम को बारात आने वाली थी, लेकिन परिवार की निगाहें बारात के साथ-साथ गौरव की राह भी देख रही थीं। उन्हें उम्मीद थी कि शायद बेटा किसी तरह लौट आए और बहन की शादी में शामिल हो सके। बारात तो घर पहुंच गई, लेकिन गौरव नहीं लौटा। नम आंखों और भारी दिल के साथ परिजनों ने बेटी की शादी की रस्में पूरी कीं। एक ओर बेटी की विदाई का दर्द था, तो दूसरी ओर बेटे के संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का गम। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
सोमवार को परिजन पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और बेटे की तलाश जल्द कराने की गुहार लगाई। उन्होंने आशंका जताई कि गौरव के साथ कोई अनहोनी हो सकती है। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि युवक की तलाश के लिए पुलिस की टीमें गठित कर दी गई हैं। सभी टीमें सक्रिय रूप से गौरव की तलाश में जुटी हैं और जल्द ही उसे खोजने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल परिवार की हर सुबह और हर शाम सिर्फ एक ही उम्मीद के साथ गुजर रही है कि उनका बेटा गौरव सकुशल घर लौट आए।
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