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विश्व मलेरिया दिवस पर सिम्स का जागरूकता अभियान, गांव-गांव पहुंचा बचाव का संदेश


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

विश्व मलेरिया दिवस 2026 के अवसर पर सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (सिम्स) के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्र में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाकर मलेरिया के प्रति लोगों को सतर्क किया गया। 

मुकिमपुर स्थित ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में स्थानीय लोगों को मलेरिया के कारण, लक्षण, बचाव और समय पर उपचार के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। यह अभियान प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. (ब्रिगेडियर) विनीत रस्तोगी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया, जबकि इसका समन्वयन सहायक प्रोफेसर-सह-सांख्यिकीविद् शुभम कुमार शर्मा ने किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अरशद हुसैन (वरिष्ठ रेजिडेंट) तथा एमबीबीएस छात्रों उस्बा खालिद, उर्वशी सैनी और थूबे रोहन ने प्रभावी स्वास्थ्य शिक्षा सत्रों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया।


विशेषज्ञों ने बताया कि मलेरिया एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से रोकी जा सकने वाली बीमारी है, बशर्ते समय रहते सावधानी बरती जाए। लोगों को बताया गया कि घरों और आसपास जमे हुए पानी को तुरंत हटाना, नियमित रूप से मच्छरदानी का उपयोग करना, साफ-सफाई बनाए रखना और बुखार आने पर तुरंत जांच कराना बेहद जरूरी है। मच्छरों के प्रजनन को रोकना ही मलेरिया नियंत्रण का सबसे प्रभावी तरीका है। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. सिनीश टी.वी. (वरिष्ठ रेजिडेंट) और डॉ. धर्मिंदर सिंह (स्नातकोत्तर रेजिडेंट) का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। साथ ही एमबीबीएस बैच 2023 के छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए जनसंपर्क गतिविधियों को मजबूत किया और स्वास्थ्य सेवाओं को समुदाय से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।

स्थानीय समुदाय की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने इस अभियान को और प्रभावशाली बना दिया। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी शंकाओं का समाधान किया और मलेरिया से बचाव के उपायों को अपनाने का संकल्प लिया। लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम गांवों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने के लिए बेहद आवश्यक हैं।

यह कार्यक्रम इस वर्ष की वैश्विक थीम “मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रेरित: अब हम कर सकते हैं, अब हमें करना ही होगा” के अनुरूप आयोजित किया गया, जो सामूहिक और निरंतर प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित करता है। संस्थान की प्राचार्या डॉ. बर्खा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर.के. सहगल, महाप्रबंधक एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त तथा चिकित्सा अधीक्षक मेजर जनरल डॉ. सी.एस. अहलुवालिया ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे जनस्वास्थ्य को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन तथा उपाध्यक्ष राम्या रामचंद्रन ने भी टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में वैज्ञानिक सोच, स्वास्थ्य सुरक्षा और जनहित के प्रति जिम्मेदारी को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थानों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को जागरूक बनाना भी उनकी बड़ी जिम्मेदारी है।