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चार साल की मासूम को मिली नई जिंदगी, दुर्लभ ‘द्विपक्षीय ब्रांचियल फिस्टुला’ का सफल ऑपरेशन

HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

सरस्वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SIMS) में चिकित्सकों ने चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय सफलता हासिल करते हुए चार वर्षीय बच्ची मानवी को दुर्लभ जन्मजात बीमारी से निजात दिलाई है। कर्ण, नासिका एवं कंठ (ईएनटी) विभाग की विशेषज्ञ टीम ने “द्विपक्षीय ब्रांचियल फिस्टुला” जैसे अत्यंत जटिल और दुर्लभ रोग का सफल ऑपरेशन कर बच्ची को नई जिंदगी दी है।


चिकित्सकों के अनुसार, द्विपक्षीय ब्रांचियल फिस्टुला एक जन्मजात विकार है, जिसमें गर्दन के दोनों ओर असामान्य नलिकाएं विकसित हो जाती हैं। ये नलिकाएं त्वचा और शरीर के अंदरूनी हिस्सों के बीच असामान्य संपर्क बना देती हैं, जिससे बार-बार संक्रमण, सूजन और पस का स्राव जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। समय पर उपचार न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और मरीज के सामान्य जीवन को प्रभावित कर सकती है। ऐसे जटिल मामलों में सटीक निदान और अत्यधिक सावधानी के साथ सर्जरी करना बेहद जरूरी होता है। 


सर्जरी के दौरान फिस्टुला के पूरे पथ को पहचानकर उसे पूर्ण रूप से निकालना आवश्यक होता है, क्योंकि यदि इसका कोई हिस्सा रह जाए तो बीमारी दोबारा हो सकती है। इसी चुनौती को स्वीकार करते हुए SIMS के ईएनटी विभाग की टीम ने कुशलता और आधुनिक तकनीकों के सहारे इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया।

विभागाध्यक्ष डॉ. अविनाश कुमार के नेतृत्व में डॉ. शुभम मित्तल, डॉ. नंदिनी और डॉ. थजाना की टीम ने ऑपरेशन के दौरान बच्ची के गर्दन के दोनों ओर मौजूद फिस्टुला पथ को पूरी तरह निकाल दिया। सर्जरी के बाद बच्ची की हालत स्थिर है और वह तेजी से स्वस्थ हो रही है। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर उपचार मिलने से अब बच्ची सामान्य जीवन की ओर लौट रही है। इस सफलता पर संस्थान प्रबंधन ने भी चिकित्सकों की सराहना की। प्राचार्या डॉ. बरखा गुप्ता, वरिष्ठ सलाहकार ब्रिगेडियर डॉ. आर. के. सहगल, महाप्रबंधक एन. वर्धराजन, निदेशक रघुवर दत्त और चिकित्सा अधीक्षक मेजर जनरल डॉ. सी. एस. आहलूवालिया ने ईएनटी विभाग की टीम को बधाई देते हुए उनके समर्पण और कुशलता की प्रशंसा की।

वहीं, सरस्वती समूह संस्थानों के संस्थापक एवं अध्यक्ष डॉ. जे. रामचंद्रन और उपाध्यक्ष रम्या रामचंद्रन ने भी इस उपलब्धि को संस्थान की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं का प्रमाण बताते हुए पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इस तरह की सफलताएं संस्थान की उच्च गुणवत्ता, नवाचार और मरीजों के प्रति समर्पण को दर्शाती हैं। चिकित्सकों ने अभिभावकों से अपील की है कि यदि बच्चों के गर्दन पर असामान्य सूजन, बार-बार संक्रमण या किसी प्रकार का स्राव दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लें। समय पर उपचार से गंभीर जटिलताओं से बचा जा सकता है।


SIMS हापुड़ आधुनिक सुविधाओं, अनुभवी चिकित्सकों और उन्नत तकनीकों के माध्यम से क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है और भविष्य में भी इसी प्रतिबद्धता के साथ लोगों को उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत है।