हापुड़।
बुलंदशहर रोड स्थित एक रेगुलेटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लगने से इलाके में अफरातफरी मच गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के भीतर बड़ी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे होने के कारण स्थिति और भी गंभीर हो गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पूर्ति विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची, जहां जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फैक्ट्री के भीतर अचानक धुआं उठना शुरू हुआ, जिसके बाद कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। कर्मचारियों और आसपास के लोगों में भगदड़ मच गई। बताया गया कि फैक्ट्री के अंदर भारी संख्या में कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे हुए थे, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बढ़ गई थी।
सूत्रों के अनुसार एक गैस सिलेंडर में आग लग गई थी, जिसे समय रहते फैक्ट्री से बाहर फेंक दिया गया, जिससे बड़ा विस्फोट टल गया। हालांकि फैक्ट्री के अंदर रखे अन्य सिलेंडरों में से दो सिलेंडर आग की चपेट में आ गए और जले हुए हालत में पाए गए। यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
दमकल विभाग को सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया। काफी देर की मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि यह रेगुलेटर फैक्ट्री बिना मानकों के संचालित की जा रही थी। फैक्ट्री के पास फायर विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (फायर एनओसी) भी नहीं थी। ऐसे में बड़ी संख्या में गैस सिलेंडरों का भंडारण सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सूचना मिलने पर पूर्ति विभाग से सप्लाई इंस्पेक्टर अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों को देखते ही फैक्ट्री मालिक कथित रूप से फैक्ट्री में ताला लगाकर मौके से फरार हो गया। इससे अधिकारियों का शक और गहरा गया।
इसके बाद सप्लाई विभाग की टीम ने पास में स्थित दूसरी फैक्ट्री की भी जांच की। वहां भी बड़ी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर रखे मिले। अधिकारियों ने फैक्ट्री संचालकों से सिलेंडरों के भंडारण की अनुमति, लाइसेंस और संबंधित दस्तावेज मांगे। संतोषजनक जवाब न मिलने पर विभाग ने जांच तेज कर दी और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। इस पूरे मामले ने शहर में बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के चल रही फैक्ट्रियों की पोल खोल दी है। अब प्रशासन की नजर ऐसे प्रतिष्ठानों पर टिकी है, जहां नियमों की अनदेखी कर लोगों की जान को खतरे में डाला जा रहा है।





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