हापुड़।
जिले में हाल ही में हुई बेमौसम बारिश और तेज हवाओं से रबी फसलों को हुए नुकसान के बाद भी किसानों को राहत नहीं मिल सकी है। गेहूं, सरसों और आलू की फसल खराब होने के बावजूद बीमा कंपनी की सर्वे रिपोर्ट लंबित होने से मुआवजा प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है।
बारिश के कारण कई क्षेत्रों में आलू की खुदाई प्रभावित हुई, जिससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ा। बाजार में आलू के दाम भी गिर गए हैं। इसके अलावा गेहूं और सरसों की फसल को भी काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने समय पर बीमा कंपनी को सूचना दे दी थी, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया।
जिले में करीब 1380 किसानों ने रबी सीजन में फसल बीमा कराया था। नियमों के अनुसार सर्वे के बाद ही मुआवजा तय होता है, लेकिन रिपोर्ट न आने से कृषि विभाग की फाइलें अटकी हुई हैं। कालंद क्षेत्र के किसानों ने इस मामले में शासन स्तर पर शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है।
फसल बीमा योजना के तहत किसानों से कुल कवर राशि का लगभग डेढ़ प्रतिशत प्रीमियम लिया जाता है। गेहूं की एक हेक्टेयर फसल पर करीब 1381 रुपये प्रीमियम देकर 92 हजार रुपये तक का बीमा कवर मिलता है। बीमा कंपनी का कहना है कि 20 प्रतिशत से अधिक नुकसान होने पर ही मुआवजा दिया जाता है।
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि बीमा कंपनी को सर्वे जल्द पूरा करने के लिए पत्र भेजा गया है। किसानों की समस्याओं को देखते हुए रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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