HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़ जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सहकारी बैंकों से किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ऋण लेने वाले किसानों को अब केवल तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। पहले किसानों से सात प्रतिशत ब्याज जमा कराया जाता था, जिसके बाद चार प्रतिशत अनुदान वापस मिलने की व्यवस्था थी। नई व्यवस्था लागू होने से करीब 30 हजार किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।
दो साल पहले लागू की गई पुरानी व्यवस्था में किसानों को पहले सात फीसदी ब्याज जमा करना पड़ता था। इसके बाद चार फीसदी राशि अनुदान के रूप में खातों में वापस भेजी जानी थी, लेकिन कई किसानों को समय पर पैसा नहीं मिला। किसानों ने किसान दिवस और अन्य मंचों पर इस समस्या को लगातार उठाया था।
किसानों का कहना था कि प्रदेश के कई जिलों में पहले से ही तीन प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, जबकि हापुड़ में सात प्रतिशत जमा कराने की बाध्यता थी। पोर्टल पर क्लेम अपलोड होने के बावजूद किसानों को अनुदान की राशि मिलने में देरी हो रही थी, जिससे उन्हें आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
अब नई व्यवस्था के तहत किसानों को सीधे तीन फीसदी ब्याज ही जमा करना होगा। इससे अनुदान और क्लेम की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी और किसानों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। समय पूरा होने पर किसान आसानी से ब्याज जमा कर अपने ऋण का नवीनीकरण भी करा सकेंगे।
सहकारिता विभाग के अनुसार यह सुविधा केवल उन्हीं किसानों को मिलेगी जो सहकारी बैंकों से केसीसी ऋण लेते हैं। यदि कोई किसान दो अलग-अलग बैंकों से ऋण लेता है, तो उसे पुरानी व्यवस्था के अनुसार सात प्रतिशत ब्याज देना होगा।
एआर कॉपरेटिव प्रेम शंकर ने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने से किसानों को राहत मिलेगी और ऋण प्रक्रिया भी सरल बनेगी। साथ ही पिछले वर्ष का करीब 10 करोड़ रुपये का लंबित क्लेम भी जल्द किसानों के खातों में भेजे जाने की उम्मीद है।
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