हापुड़ में भीषण गर्मी ने पिछले छह वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहा। इससे पहले वर्ष 2019 में तापमान 46 डिग्री तक पहुंचा था। लगातार बढ़ती गर्मी और तेज लू ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।
मंगलवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं का असर दिखाई देने लगा। सुबह 10 बजे के बाद लू चलनी शुरू हो गई और दोपहर तक हालात इतने खराब हो गए कि सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसर गया। तेज तपिश के कारण लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। दोपहिया वाहन चालकों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा।
भीषण गर्मी का असर केवल लोगों पर ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों पर भी दिखाई दिया। दोपहर के समय ऐसा महसूस हो रहा था मानो आसमान से आग बरस रही हो। शाम करीब पांच बजे के बाद धूप का असर कम होने पर लोगों ने राहत महसूस की।
जिला आपदा विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटों में अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि बीते चार दिनों में तापमान करीब छह डिग्री तक बढ़ चुका है। दोपहर के समय 13 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से गर्म हवाएं चलीं और आर्द्रता 39 प्रतिशत दर्ज की गई।
मौसम वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि आने वाले दिनों में मौसम शुष्क बना रहेगा और तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। 24 और 25 मई को तेज लू चलने की संभावना जताई गई है।
विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों में हल्की सिंचाई कर नमी बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि फसलें लू से प्रभावित न हों। वहीं पशुपालकों से पशुओं के लिए छांव, पानी और उचित देखभाल की व्यवस्था करने को कहा गया है।
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