हापुड़।
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर तीर्थनगरी ब्रजघाट में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए हैं। मेरठ परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी के निर्देशन में जनपद हापुड़ सहित पूरे मेरठ रेंज में सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष रणनीति तैयार की गई है। ब्रजघाट में लाखों श्रद्धालुओं के गंगा स्नान को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, जल पुलिस, एसडीआरएफ और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।
पुलिस प्रशासन के अनुसार जनपद हापुड़ को मेरठ परिक्षेत्र के अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल आवंटित किया गया है। इसमें पांच पुलिस उपाधीक्षक, 25 निरीक्षक, 140 उपनिरीक्षक, 350 मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी, 40 महिला उपनिरीक्षक, 130 महिला मुख्य आरक्षी एवं आरक्षी के साथ यातायात पुलिस का अलग से इंतजाम किया गया है। इसके अलावा पीएसी, फ्लड पीएसी, फायर टेंडर, एंबुलेंस, क्रेन, बीडीडीएस टीम, यातायात मोटरसाइकिल और अन्य आधुनिक संसाधन भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ब्रजघाट समेत सभी स्नान स्थलों पर गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, खतरा संकेतक बोर्ड और जल पुलिस की लगातार निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। नावों पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य की गई हैं। पुलिस प्रशासन ने नाव संचालकों को स्पष्ट रेट लिस्ट लगाने के निर्देश भी दिए हैं ताकि किराए को लेकर विवाद की स्थिति न बने। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्नान घाटों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सादे कपड़ों में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी, ताकि छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग और झपटमारी जैसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। वहीं घाटों और मेला क्षेत्रों में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से लगातार सुरक्षा संबंधी घोषणाएं भी की जाएंगी।
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्नान स्थलों और प्रमुख मार्गों का भौतिक सत्यापन कर यातायात व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाए, जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। संवेदनशील स्थानों की वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कराने के साथ सोशल मीडिया पर भी कड़ी निगरानी रखने के आदेश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
मेरठ परिक्षेत्र में गंगा दशहरा के अवसर पर कुल 23 घाटों पर स्नान होगा। इनमें मेरठ में पांच, बुलंदशहर में 14, बागपत में एक और हापुड़ में तीन घाट शामिल हैं। पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरे परिक्षेत्र में छह अपर पुलिस अधीक्षक, 19 क्षेत्राधिकारी, 87 निरीक्षक, 523 उपनिरीक्षक, 634 मुख्य आरक्षी, 638 आरक्षी, 240 होमगार्ड एवं पीआरडी जवानों के साथ तीन कंपनी पीएसी की ड्यूटी लगाई गई है।
पुलिस प्रशासन द्वारा अब तक पीस कमेटी, धर्मगुरुओं, शांति समिति, विभिन्न विभागों और आयोजन समितियों के साथ कई बैठकें भी आयोजित की जा चुकी हैं, ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने स्पष्ट कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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