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मजदूर दिवस पर इंडस्ट्री एरिया पहुंचीं डीएम कविता मीना, समस्याएं सुन दिए त्वरित निस्तारण के सख्त निर्देश


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शुक्रवार को इंडस्ट्रियल एरिया स्थित यूपी सीडा के सभागार में आयोजित संगोष्ठी में जिलाधिकारी कविता मीना ने पहुंचकर मजदूरों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान मजदूरों ने वेतन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और कार्यस्थल की परिस्थितियों से जुड़ी कई समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं, जिस पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।


संगोष्ठी के दौरान जिलाधिकारी कविता मीना ने कहा कि मजदूर समाज की रीढ़ हैं और उनके बिना औद्योगिक विकास की कल्पना अधूरी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मजदूरों की समस्याओं को नजरअंदाज करना किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगा और प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि श्रमिकों से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने कहा “अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि यह दिन हमें उन मेहनतकश हाथों के प्रति अपनी जिम्मेदारी का एहसास कराता है, जो दिन-रात मेहनत कर जिले और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देते हैं। प्रशासन का यह दायित्व है कि मजदूरों को सुरक्षित कार्यस्थल, समय पर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। यदि किसी भी मजदूर को कहीं भी शोषण या समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वह निःसंकोच प्रशासन से संपर्क करे, उसकी समस्या का समाधान प्राथमिकता पर किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि औद्योगिक इकाइयों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि श्रम कानूनों का पूरी तरह पालन हो और मजदूरों के अधिकारों का हनन न हो। “हमारा प्रयास है कि हापुड़ का इंडस्ट्रियल एरिया एक आदर्श मॉडल बने, जहां उद्योग और श्रमिक दोनों का संतुलित विकास हो। इसके लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा सहित श्रम विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर ही कई समस्याओं के समाधान के लिए आश्वासन दिया। संगोष्ठी के बाद जिलाधिकारी ने कुछ मजदूरों से अलग से बातचीत कर उनकी व्यक्तिगत समस्याओं को भी सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।