पिलखुवा। शहर में तेजी से बढ़ रहे ई-रिक्शों का दबाव अब ट्रैफिक व्यवस्था पर भारी पड़ने लगा है। पिलखुवा में करीब चार हजार से अधिक ई-रिक्शा संचालित हो रहे हैं, लेकिन इनके संचालन पर प्रभावी निगरानी नहीं होने से शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जगह-जगह सड़क किनारे खड़े ई-रिक्शों के कारण दिनभर जाम जैसे हालात बने रहते हैं।
गांधी रोड, चंडी रोड, रेलवे रोड, बस अड्डा क्षेत्र और पुलिस चौकी के आसपास बड़ी संख्या में ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़े रहते हैं। सवारी बैठाने के इंतजार में कई चालक वाहन बीच सड़क तक खड़े कर देते हैं, जिससे अन्य वाहनों को निकलने में परेशानी होती है।
शहर में कई स्थानों पर नाबालिग किशोर भी ई-रिक्शा चलाते दिखाई दे रहे हैं। ट्रैफिक नियमों की जानकारी के अभाव में हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। कई ई-रिक्शाओं में क्षमता से अधिक सवारियां बैठाई जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद सख्त कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बड़ी संख्या में ई-रिक्शा बिना रजिस्ट्रेशन और अधूरे दस्तावेजों के साथ सड़कों पर दौड़ रहे हैं। कई वाहनों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी है। इसके बावजूद जांच और सत्यापन अभियान सीमित नजर आते हैं।
सीओ अनीता चौहान ने बताया कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। वहीं ईओ इंद्रपाल सिंह ने भी अव्यवस्थित ई-रिक्शों के खिलाफ जल्द कदम उठाने की बात कही है।

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