Ticker

6/recent/ticker-posts

Header logo

सावन से पहले तैयारियां अधूरी, जर्जर रास्तों से परेशान होंगे लाखों शिवभक्त


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़/गढ़मुक्तेश्वर/पिलखुवा। सावन माह के आगमन के साथ जिले के प्रमुख शिवालयों में रंगाई-पुताई, साफ-सफाई और अन्य तैयारियों का कार्य तेज हो गया है। मंदिर परिसरों को आकर्षक बनाने और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को बेहतर करने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन शिवालयों तक पहुंचने वाले जर्जर और टूटे हुए मार्ग प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोल रहे हैं। यदि जल्द ही इन मार्गों की मरम्मत नहीं हुई तो सावन और शिवरात्रि के दौरान लाखों श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

                         
      

जिले में लगभग 20 प्रमुख शिवालय ऐसे हैं जहां सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर हजारों श्रद्धालु जलाभिषेक के लिए पहुंचते हैं। इनमें से करीब 10 शिवालय ऐसे हैं जहां श्रद्धालुओं की संख्या लाखों में पहुंच जाती है। इन स्थलों पर मेले भी आयोजित होते हैं, लेकिन मंदिरों तक जाने वाले कई प्रमुख मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल पड़े हुए हैं।

हालांकि शासन और प्रशासन की ओर से संबंधित विभागों को बारिश शुरू होने से पहले सभी प्रमुख मार्गों की मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए हैं। लोक निर्माण विभाग, हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए), जिला पंचायत और नगर पालिकाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में खराब सड़कों को चिह्नित भी कर लिया है, लेकिन अधिकांश स्थानों पर अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो पाया है।

ब्रजघाट से पलवाड़ा मार्ग बना परेशानी का कारण

सावन के दौरान गढ़मुक्तेश्वर के ब्रजघाट से हर वर्ष लाखों श्रद्धालु गंगाजल लेकर कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में बेहतर सड़क और सुविधाओं की अपेक्षा की जाती है, लेकिन ब्रजघाट से पलवाड़ा जाने वाला मार्ग जगह-जगह से टूटा हुआ है। गड्ढों और उखड़ी सड़क के कारण श्रद्धालुओं के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

सदरपुर मार्ग पर बढ़ेगी मुश्किल

गढ़ क्षेत्र के गांव सदरपुर से गढ़-स्याना रोड को जोड़ने वाला मार्ग भी लंबे समय से जर्जर स्थिति में है। यह मार्ग ग्रामीणों के साथ-साथ शिवभक्तों के लिए भी प्रमुख संपर्क मार्ग है। सावन के दिनों में हजारों श्रद्धालु इसी रास्ते से विभिन्न शिवालयों तक पहुंचते हैं। ग्रामीण कई बार सड़क की मरम्मत की मांग कर चुके हैं, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

दहपा के प्राचीन शिवालय तक पहुंचना चुनौती

पिलखुवा क्षेत्र के प्रसिद्ध और प्राचीन शिवालय वाले गांव दहपा तक जाने वाला मार्ग भी बदहाल स्थिति में है। इस मंदिर में न केवल स्थानीय बल्कि हापुड़ और आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। शिवरात्रि और सावन के दौरान यहां लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन खराब सड़क के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

बारिश से पहले मरम्मत का दावा

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग अपने अधीन आने वाले मार्गों की मरम्मत का कार्य लगातार कर रहा है। कुछ सड़कें अन्य विभागों के अधिकार क्षेत्र में हैं, जिनकी मरम्मत संबंधित विभागों द्वारा कराई जानी है। अधिकारियों का दावा है कि बारिश और सावन के मुख्य आयोजनों से पहले आवश्यक मरम्मत कार्य पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

धार्मिक संगठनों और स्थानीय लोगों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए केवल मंदिरों की सजावट ही नहीं, बल्कि वहां तक पहुंचने वाले मार्गों को भी प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाना चाहिए। यदि समय रहते सड़कें ठीक नहीं हुईं तो सावन के दौरान लाखों शिवभक्तों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।