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योग से स्वस्थ जीवन का संदेश, सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर जुटे छात्र-शिक्षक


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग में शनिवार को उत्साह, अनुशासन और स्वास्थ्य जागरूकता से भरपूर कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में इस वर्ष की वैश्विक थीम ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ का संदेश देते हुए मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन के बीच गहरे संबंध को रेखांकित किया गया।


सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के अंतर्गत संचालित सरस्वती कॉलेज ऑफ नर्सिंग परिसर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः हुआ। कार्यक्रम में प्राचार्या प्रो. डॉ. आर. मनोहारी, उप-प्राचार्य प्रो. केतन शर्मा, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की सहभागिता रही। योग दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं बल्कि स्वस्थ, संतुलित और अनुशासित जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति है।


प्राचार्या प्रो. डॉ. आर. मनोहारी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बढ़ते तनाव, मानसिक दबाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के बीच योग एक प्रभावी समाधान के रूप में सामने आया है। नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से शांत और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से योग को दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इसके बाद आयोजित योग सत्र में विभिन्न योगासन, सूर्य नमस्कार, ध्यान और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन, वज्रासन और त्रिकोणासन सहित कई महत्वपूर्ण योगासनों की सही विधि तथा उनसे होने वाले लाभों की जानकारी दी। विद्यार्थियों और शिक्षकों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशेष प्राणायाम सत्र रहा, जिसमें अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भ्रामरी का अभ्यास कराया गया। 


प्रशिक्षकों ने बताया कि नियमित प्राणायाम से फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है, मानसिक तनाव कम होता है, एकाग्रता में वृद्धि होती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है। योगाभ्यास के दौरान पूरा परिसर सकारात्मक ऊर्जा और स्वास्थ्य जागरूकता से सराबोर दिखाई दिया।

सफेद टी-शर्ट और काले परिधान में शामिल हुए छात्र-छात्राओं ने अनुशासन और एकता का परिचय दिया। सभी प्रतिभागी योगा मैट के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए और पूरे सत्र में सक्रिय भागीदारी निभाई। सामूहिक योगाभ्यास ने न केवल स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, सामूहिकता और सकारात्मक सोच को भी मजबूती प्रदान की।

इस अवसर पर सरस्वती ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के संस्थापक एवं चेयरमैन डॉ. जे. रामचन्द्रन ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की प्राचीन सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे आज पूरी दुनिया ने स्वीकार किया है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित कर व्यक्ति को स्वस्थ और सकारात्मक जीवन जीने की प्रेरणा देता है।


वाइस चेयरपर्सन रम्या रामचन्द्रन ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रशासन और आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अहम योगदान देते हैं।

जनरल मैनेजर एन. वर्धराजन ने योग को आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित करने का प्रभावी माध्यम बताया। वहीं निदेशक प्रशासन रघुवर दत्त ने कहा कि नियमित योगाभ्यास स्वस्थ और उत्पादक जीवन की आधारशिला है तथा प्रत्येक व्यक्ति को इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।

मेडिकल सुपरिंटेंडेंट मेजर जनरल (डॉ.) चरणजीत सिंह अहलूवालिया ने कहा कि योग निवारक स्वास्थ्य देखभाल का प्रभावी माध्यम है। नियमित योगाभ्यास कई जीवनशैली जनित रोगों की रोकथाम में सहायक होने के साथ मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी मजबूत बनाता है।


कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम पर जोर देते हुए कहा कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। योग हमें स्वयं के साथ-साथ प्रकृति के प्रति भी जिम्मेदार बनाता है। यह केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य का माध्यम नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और सकारात्मक जीवन दृष्टि का भी आधार है।

अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि संस्थान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण नर्सिंग शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य जागरूकता, नैतिक मूल्यों, सामाजिक उत्तरदायित्व और समग्र व्यक्तित्व विकास के लिए निरंतर प्रेरित करता रहेगा।