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जन्मजात बीमारियों से ग्रसित बच्चों के लिए जिले में खुलेगा विशेष उपचार केंद्र


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

जिले के बच्चों को अब जन्म से जुड़ी शारीरिक समस्याओं के इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग जिला अस्पताल परिसर में डिस्ट्रिक्ट अर्ली इंटरवेंशन सेंटर (डीईआईसी) स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। यह केंद्र करीब छह हजार वर्ग मीटर क्षेत्र में जिला अस्पताल के ऊपरी हिस्से में विकसित किए जाने का प्रस्ताव है।

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में ऐसे बच्चों की पहचान की जाती है, जिनमें जन्म के समय ही दिल की बीमारी, रीढ़ से जुड़ी खामियां, कटे होंठ या तालू और टेढ़े पैरों जैसी समस्याएं पाई जाती हैं। अभी तक इस तरह के मामलों में बच्चों को जांच और सर्जरी के लिए अन्य जिलों के अस्पतालों में भेजना पड़ता है, जिससे परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में वर्तमान समय में हृदय संबंधी जन्मजात रोग के पांच, न्यूरल ट्यूब डिफेक्ट के दो, कोक्लियर इंप्लांट की जरूरत वाले छह और क्लब फुट से प्रभावित 14 बच्चों को चिन्हित किया गया है। डीईआईसी के संचालन से इन सभी बच्चों को एक ही स्थान पर जांच, इलाज और आवश्यक चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

शासन स्तर से इस केंद्र की स्थापना को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी को पत्र भेजा गया है, जिसमें 4300 से 6000 वर्ग मीटर उपयुक्त स्थान चयन के निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में शुक्रवार को सीएमओ ने विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर संभावित स्थानों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में जिला अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट के ऊपर उपलब्ध स्थान को उपयुक्त माना गया, जिसके बाद प्रस्ताव को सीएमएस को भेज दिया गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि डीईआईसी के निर्माण को लेकर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और स्थान चिन्हित होते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। केंद्र के शुरू होने से जिले के दिव्यांग बच्चों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।