HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में रेम और रोम चिप्स की मांग अचानक बढ़ने और आपूर्ति घटने के कारण इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की कीमतों में तेज उछाल आ गया है। इसका सीधा असर मोबाइल फोन, लैपटॉप, टैबलेट और कार के डिजिटल सिस्टम तक पर पड़ रहा है। शहर के बाजारों में पिछले कुछ हफ्तों के दौरान मोबाइल फोन की कीमतों में 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है और बिक्री भी प्रभावित हुई है।
व्यापारियों के अनुसार जिन मोबाइल फोन की कीमत पहले करीब आठ हजार रुपये थी, वे अब 11 से 12 हजार रुपये तक पहुंच गए हैं। वहीं 8 हजार से 30 हजार रुपये की रेंज वाले अधिकांश स्मार्टफोन 20 से 30 प्रतिशत तक महंगे हो चुके हैं। मध्यम वर्ग के ग्राहकों की पसंद वाले फोन पर सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है, जिसके कारण खरीदारी का माहौल ठंडा पड़ गया है।
बाजार के जानकार बताते हैं कि मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली मेमोरी चिप्स (रेम और रोम) का उत्पादन सीमित होने और वैश्विक स्तर पर मांग बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ गई है। इसके अलावा आयात खर्च, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और लॉजिस्टिक लागत में वृद्धि भी कीमतों में उछाल का बड़ा कारण मानी जा रही है। कंपनियों ने यह अतिरिक्त बोझ सीधे ग्राहकों पर डाल दिया है।
रेलवे रोड स्थित अरोड़ा मोबाइल के संचालक ने बताया कि कीमतों में अचानक आई बढ़ोतरी से बाजार में मंदी का माहौल बन गया है। उन्होंने कहा, “पहले ग्राहक तय बजट लेकर दुकान पर आता था और तुरंत मोबाइल खरीद लेता था, लेकिन अब दाम सुनते ही वह चौंक जाता है। कई ग्राहक तो मॉडल देखकर पसंद कर लेते हैं, लेकिन कीमत सुनने के बाद कहते हैं कि कुछ दिन बाद आएंगे। पिछले साल जिन फोनों की खूब बिक्री होती थी, अब वे ही शेल्फ पर पड़े रह जाते हैं। कंपनियों ने एक साथ दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे छोटे दुकानदार भी परेशान हैं। बिक्री घटने से कारोबार पर सीधा असर पड़ा है और बाजार में रौनक कम हो गई है।”
ग्राहकों ने भी महंगाई पर चिंता जताई है। एक ग्राहक ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले 20 हजार रुपये में मोबाइल खरीदा था, लेकिन वही मॉडल दोबारा लेने आए तो उसकी कीमत करीब 28 हजार रुपये बताई गई। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल फोन जरूरत बन चुका है, इसलिए महंगा होने के बावजूद लोगों को मजबूरी में खरीदना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिप्स की आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो आने वाले समय में कीमतों में और बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल मोबाइल बाजार में ग्राहकों की संख्या घटी है।
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