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राहुल गांधी का पुतला फूंकने पर कार्रवाई से असंतुष्ट कांग्रेस, 30 अप्रैल को मंडलायुक्त से मिलेगी जिला-शहर कमेटी


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

भाजपा पदाधिकारियों द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुतला फूंकने के मामले में प्रशासनिक कार्रवाई से असंतुष्ट कांग्रेस अब इस मुद्दे को मेरठ मंडलायुक्त के समक्ष उठाएगी। जिला एवं शहर कांग्रेस कमेटी ने 30 अप्रैल को मेरठ मंडलायुक्त से मुलाकात कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग करने की घोषणा की है।


कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाधिकारी कविता मीणा से मिला और भाजपा जिलाध्यक्ष कविता माधरे सहित अन्य भाजपा पदाधिकारियों द्वारा 23 अप्रैल को राहुल गांधी का पुतला फूंके जाने के मामले में प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी ली। कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने जिलाधिकारी से कहा कि रामनिवास स्मारक कॉलेज की छात्राओं के साथ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का पुतला फूंका गया था, लेकिन अब तक जिम्मेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की गई।


जिलाधिकारी कविता मीणा ने प्रतिनिधिमंडल को बताया कि मामले में कॉलेज की प्रिंसिपल और भाजपा जिलाध्यक्ष को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। कॉलेज प्रिंसिपल की ओर से जवाब दिया गया कि उस दिन केवल छात्राओं की रैली निकाली गई थी और पुतला फूंकने की घटना में न तो छात्राओं की कोई भूमिका थी और न ही कॉलेज प्रशासन की। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष ने जवाब में कहा कि भविष्य में उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा इस प्रकार की घटना नहीं होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि भाजपा जिलाध्यक्ष को नोटिस के माध्यम से चेतावनी जारी की गई है।


हालांकि कांग्रेस पदाधिकारी इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं दिखे। जिलाध्यक्ष राकेश त्यागी ने कहा कि केवल नोटिस देकर मामले को दबाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने पूरे प्रकरण में निष्पक्षता नहीं बरती और राज्य सरकार के दबाव में कार्यवाही को सीमित रखा। राकेश त्यागी ने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद एलआईयू और इंटेलिजेंस ब्यूरो को इसकी जानकारी नहीं होना गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि यदि घटना हुई तो प्रशासन ने तत्काल कठोर कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

राकेश त्यागी ने कहा कि यदि यही काम विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं ने किया होता तो अब तक उन पर गंभीर धाराएं लगाकर जेल भेज दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के नेताओं को संरक्षण दिया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई को मामले की लीपापोती बताते हुए कहा कि राहुल गांधी सदन में नेता प्रतिपक्ष हैं और यह एक संवैधानिक पद है। ऐसे पद पर बैठे व्यक्ति का पुतला फूंकना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ है। इसके बावजूद यदि प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाता है तो यह सीधे तौर पर सरकार के दबाव को दर्शाता है। 


कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि 30 अप्रैल को जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी मेरठ मंडलायुक्त से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेंगे।