हापुड़।
साइबर अपराधों की रोकथाम, आर्थिक धोखाधड़ी के मामलों में त्वरित कार्रवाई और पीड़ितों को शीघ्र राहत दिलाने के उद्देश्य से मेरठ परिक्षेत्र में लगातार प्रभावी अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी के निर्देशन में एक जनवरी 2026 से 15 अप्रैल 2026 तक साइबर अपराधों के विरुद्ध व्यापक कार्रवाई की गई, जिसमें हापुड़ जनपद में भी उल्लेखनीय कार्य हुआ।
समीक्षा के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर हापुड़ में 180 मोबाइल नंबर बंद कराए गए, जबकि 196 आईएमईआई नंबर भी ब्लॉक किए गए। इसके अलावा साइबर ठगी में प्रयुक्त 129 म्यूल बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कराया गया, ताकि ठगी की रकम को रोका जा सके और पीड़ितों को राहत मिल सके।
पांच लाख रुपये या उससे अधिक धनराशि से जुड़े मामलों में हापुड़ में पांच प्राथमिकी दर्ज की गईं। वहीं राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज कुल 285 शिकायतों का निस्तारण किया गया। आमजन को जागरूक करने के लिए जनपद में 113 साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
मेरठ परिक्षेत्र के चार जनपदों मेरठ, बुलंदशहर, बागपत और हापुड़ में कुल 1962 मोबाइल नंबर बंद किए गए, 4106 आईएमईआई नंबर ब्लॉक हुए, 960 म्यूल बैंक खातों को डेबिट फ्रीज कराया गया तथा 3426 शिकायतों का निस्तारण किया गया। साथ ही 1310 साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को ऑनलाइन ठगी से बचने के उपाय बताए गए।
पुलिस उपमहानिरीक्षक कलानिधि नैथानी ने सभी थाना प्रभारियों और साइबर सेल को निर्देश दिए हैं कि राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाए तथा मोबाइल नंबर और आईएमईआई ब्लॉकिंग की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन को फिशिंग, पासवर्ड सुरक्षा और सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार के प्रति लगातार जागरूक किया जाए। थानों पर आने वाले लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए जाएं और हेल्पलाइन नंबर 1930 का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि संगठित रूप से साइबर अपराध करने वाले गिरोहों, फर्जी कॉल सेंटरों और छोटी-छोटी रकम की लगातार ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ प्राथमिकता के आधार पर मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए। डीआईजी ने बताया कि कोई भी नागरिक साइबर ठगी का शिकार होने पर राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल या हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से तुरंत शिकायत दर्ज करा सकता है, जिससे समय रहते धनराशि को रोका जा सके और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई संभव हो सके।
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