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ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर धरती पर अवतरित हुई थीं मां गंगा, 25 मई को उमड़ेगी श्रद्धालुओं की भीड़


HALCHAL INDIA NEWS

गंगा दशहरा के अवसर पर इस वर्ष 25 मई को ब्रजघाट समेत गंगा तटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। मान्यता है कि इसी दिन मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से निकलकर पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं और राजा सगर के पुत्रों को मुक्ति मिली थी।

ब्रजघाट में पर्व को लेकर श्रद्धालुओं की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन पालिका और प्रशासनिक स्तर पर अभी तक व्यवस्थाओं को लेकर कोई विशेष तैयारी दिखाई नहीं दे रही है। पर्व में अब लगभग दो सप्ताह का समय शेष है। ऐसे में सफाई, सुरक्षा, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर लोगों की चिंता बढ़ रही है।

तीर्थ पुरोहित राजकुमार लालू ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राजा भागीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति के लिए वर्षों तक कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान ब्रह्मा ने मां गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर भेजने की अनुमति दी।

कहा जाता है कि मां गंगा की प्रचंड धारा से सृष्टि को नुकसान पहुंचने की आशंका थी। इसके बाद भगवान शिव ने गंगा को अपनी जटाओं में धारण किया। 

वैशाख शुक्ल सप्तमी को गंगा भगवान शिव की जटाओं में समाई थीं और ज्येष्ठ शुक्ल दशमी के दिन पृथ्वी पर अवतरित हुईं। मां गंगा के पावन जल के स्पर्श से राजा सगर के पुत्रों को मोक्ष प्राप्त हुआ था।