हापुड़।
जिले में गन्ना बुवाई के बीच यूरिया की किल्लत ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। सहकारी समितियों, गन्ना समिति और इफको के नकद केंद्रों पर यूरिया उपलब्ध नहीं होने से किसान खाद के लिए इधर-उधर भटकने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि कई गोदामों पर ताले लटके मिले, जबकि कहीं स्टॉक खत्म होने की सूचना चस्पा दिखाई दी।
किसानों का कहना है कि फसलों में खाद डालने का यह सबसे अहम समय है, लेकिन जरूरत पड़ने पर यूरिया नहीं मिल पा रही। जिले के कई गांवों से किसान सुबह से ही समितियों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। इफको के नकद केंद्रों पर पिछले करीब दो महीनों से यूरिया की आपूर्ति नहीं होने की बात सामने आई है।
हालांकि डीएपी और अन्य उर्वरक कुछ स्थानों पर उपलब्ध हैं, लेकिन सबसे ज्यादा मांग वाली यूरिया की कमी से खेती प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों का आरोप है कि हर साल सीजन में यही स्थिति बनती है, लेकिन समय रहते पर्याप्त व्यवस्था नहीं की जाती।
सोमवार को विभिन्न समितियों और नकद केंद्रों की स्थिति देखने पर अधिकांश स्थानों पर यूरिया का स्टॉक खत्म मिला। किसान खाद मिलने की उम्मीद में गोदामों के बाहर जानकारी लेते दिखाई दिए।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि बफर गोदाम में यूरिया का स्टॉक मौजूद है और जल्द ही नई खेप पहुंचने वाली है। अधिकारियों के अनुसार मंगलवार तक एक रैक मिलने की संभावना है, जिसके बाद समितियों के माध्यम से किसानों को खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
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