Ticker

6/recent/ticker-posts

Header logo

पानी को तरसा शहर, पाइपलाइन सूखी-टैंकर भी गायब, सिस्टम बेपरवाह


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़ में गर्मी बढ़ते ही पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर से लेकर गांवों तक पानी की सप्लाई लड़खड़ा गई है। कई इलाकों में नलों ने जवाब दे दिया है और पाइपलाइन से पर्याप्त पानी नहीं पहुंच रहा। हालात ऐसे हैं कि लोग टैंकर और पानी के कैंपर के सहारे जिंदगी चलाने को मजबूर हैं।

शहर में करीब 30 प्रतिशत लोग अब पीने के पानी के लिए कैंपर खरीदने पर निर्भर हो गए हैं। वहीं बाजारों में बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ रही है। सार्वजनिक स्थानों पर भी पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, जिससे राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

हर साल गर्मियों में पेयजल संकट को लेकर योजनाएं बनाई जाती हैं, लेकिन बारिश शुरू होते ही दावे ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। पांच साल बाद भी शहर की जरूरत के अनुसार जल संसाधनों का विकास नहीं हो सका है। स्थिति यह है कि जरूरत के मुकाबले नलकूपों और अन्य संसाधनों की संख्या बेहद कम है।

पिछले साल भी गर्मियों में पानी को लेकर लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी। उस समय अधिकारियों ने सर्दियों में व्यवस्था मजबूत करने का दावा किया था, लेकिन गर्मी लौटते ही फिर वही हालात सामने आने लगे हैं। अब मांग बढ़ने पर संसाधनों की कमी साफ दिखाई दे रही है।

शहर की आबादी पांच लाख से अधिक बताई जा रही है, जबकि पालिका के उपलब्ध संसाधन पूरी क्षमता से चलने पर भी केवल 48 एमएलडी पानी की आपूर्ति कर सकते हैं। दूसरी ओर शहर को रोजाना करीब 60 एमएलडी पानी की आवश्यकता है। मानकों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन 135 लीटर पानी मिलना चाहिए, लेकिन वर्तमान में औसतन 100 लीटर पानी ही उपलब्ध हो पा रहा है।

बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने हालात को और खराब कर दिया है। पानी का भंडारण और सप्लाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ पानी की मांग और बढ़ेगी, ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों की परेशानी और बढ़ने की आशंका है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले एक साल में न तो नए नलकूप लगाए गए और न ही पेयजल नेटवर्क में कोई बड़ा सुधार किया गया। ऐसे में हर साल की तरह इस बार भी लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ सकती है।

जलकल विभाग के एक्सईएन विकास चौहान ने बताया कि उपलब्ध संसाधनों की मरम्मत करा ली गई है और उनका पूरा उपयोग किया जा रहा है। बिजली की समस्या को देखते हुए जेनरेटरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। उन्होंने लोगों से पानी का दुरुपयोग न करने और जरूरत के अनुसार ही इस्तेमाल करने की अपील की है।