ज्येष्ठ माह की अमावस्या शनिवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाई जाएगी। इस बार वट अमावस्या और शनि जयंती एक ही दिन पड़ने से धार्मिक महत्व और बढ़ गया है। महिलाओं द्वारा वट वृक्ष की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की जाएगी, वहीं ब्रजघाट में गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
धार्मिक जानकारों के अनुसार वट अमावस्या का शुभ समय सुबह से शुरू होकर देर रात तक रहेगा। इस दौरान पूजा-पाठ और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना गया है। अभिजीत मुहूर्त और अमृत काल में पूजा करना अत्यंत शुभ माना जा रहा है। शनि जयंती होने के कारण शनिदेव की पूजा और उपाय भी बड़ी संख्या में किए जाएंगे।
श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पालिका और प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। घाटों, बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए हैं। पेयजल, शौचालय और ठहरने जैसी सुविधाओं को भी व्यवस्थित किया जा रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क है। संभावित जाम वाले स्थानों पर यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। स्नान घाटों और बाजार क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहेगा। साथ ही नाविकों, गोताखोरों और दमकल विभाग की टीम को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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