हापुड़।
जनपद में पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और गंगा स्वच्छता को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कविता मीना की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति, जिला वृक्षारोपण समिति एवं जिला गंगा समिति की संयुक्त बैठक आयोजित हुई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने वृक्षारोपण वर्ष 2026-27 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत भूमि चिन्हांकन और अग्रिम मृदा कार्य समय से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गड्ढा खुदान सहित सभी तैयारियों की सूचना प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय को तत्काल भेजी जाए। साथ ही जनपद में “विशिष्ट वन” स्थापित करने की योजना पर भी जोर देते हुए अधिकारियों से निर्धारित प्रारूप में वृक्षारोपण कार्ययोजना शीघ्र प्रस्तुत करने को कहा।
बैठक में बढ़ती गर्मी और हीट वेव को देखते हुए जिलाधिकारी ने सभी विभागों को अपने कार्यालयों एवं कार्यस्थलों पर लू से बचाव के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशु-पक्षियों के लिए भी जगह-जगह नांद और हौदे बनाकर उनमें पानी भरवाने की व्यवस्था कराने को कहा।
पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जिलाधिकारी ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के अनुरूप किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि कूड़ा-कचरा और विशेष रूप से बायोमेडिकल वेस्ट को खुले में फेंकने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
जिला गंगा समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि बिना ट्रीटमेंट के किसी भी प्रकार का प्रदूषित पानी जनपद की नदियों में नहीं जाना चाहिए। नदियों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्रुति शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी गौतम सिंह, जिला विकास अधिकारी अनवर शेख, जिला पंचायती राज अधिकारी शिव बिहारी शुक्ला, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के प्रतिनिधि विपुल कुमार, पर्यावरणविद भारत भूषण समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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