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छह साल में 3.42 मीटर गिरा भूजल स्तर, हापुड़ ब्लॉक में बढ़ा जल संकट


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़/पिलखुवा/सिंभावली। जिले में भूजल स्तर लगातार गिरता जा रहा है। भूजल विभाग के आंकड़ों के अनुसार हापुड़ ब्लॉक में पिछले छह वर्षों के दौरान भूजल स्तर 3.42 मीटर नीचे चला गया है। चिंताजनक बात यह है कि भूजल संरक्षण के लिए बनाए गए अमृत सरोवर और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी उपेक्षा और गंदगी का शिकार हैं। मानसून सिर पर होने के बावजूद अधिकांश स्थानों पर अब तक सफाई और रखरखाव का कार्य नहीं किया गया है।

                                 

भूजल विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक जिले के गढ़मुक्तेश्वर, सिंभावली और हापुड़ ब्लॉक क्रिटिकल (रेड जोन) की श्रेणी में बने हुए हैं, जबकि धौलाना ब्लॉक सेमी क्रिटिकल जोन में है। वर्ष 2020 में मानसून से पहले जिले में औसत भूजल स्तर 11.81 मीटर और मानसून के बाद 12.91 मीटर दर्ज किया गया था। वहीं वर्ष 2025 में मानसून से पहले 11.68 मीटर और मानसून के बाद 11.16 मीटर भूजल स्तर रिकॉर्ड किया गया, जिससे स्पष्ट है कि भूजल का रिचार्ज अपेक्षित स्तर तक नहीं हो पा रहा है।

गांवों में भी तेजी से गिर रहा जलस्तर

भूजल विभाग के अनुसार हापुड़ ब्लॉक के ग्रामीण क्षेत्रों में वर्ष 2020 में जहां 13.47 मीटर की गहराई पर पानी उपलब्ध था, वहीं वर्ष 2025 में यह स्तर घटकर 16.89 मीटर पर पहुंच गया। यानी छह वर्षों में भूजल स्तर में 3.42 मीटर की गिरावट दर्ज की गई है।

वहीं जल निगम नगरीय के आंकड़े बताते हैं कि शहर में अलग-अलग स्थानों पर 25 से 40 मीटर की गहराई पर भूजल उपलब्ध है, लेकिन नए नलकूपों की बोरिंग अब 150 मीटर तक करानी पड़ रही है। पांच वर्ष पहले यह गहराई करीब 120 से 130 मीटर हुआ करती थी।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की अनदेखी

नियमों के अनुसार 300 वर्गमीटर से बड़े भूखंडों, सरकारी भवनों, स्कूलों, पार्कों, कॉलोनियों और पार्किंग स्थलों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित होना अनिवार्य है, लेकिन जिले के अधिकांश स्थानों पर यह व्यवस्था या तो मौजूद नहीं है या फिर निष्क्रिय पड़ी है। इससे वर्षा जल का पर्याप्त संचयन नहीं हो पा रहा और भूजल रिचार्ज प्रभावित हो रहा है।

प्रशासन ने दिए सफाई के निर्देश

एडीएम संदीप कुमार ने बताया कि मानसून से पहले सभी अमृत सरोवरों और रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। भूजल संरक्षण और रिचार्ज को लेकर संबंधित विभागों को सख्ती से कार्य करने के आदेश जारी किए गए हैं।