HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
जिले में जल जीवन मिशन के तहत चल रहे विकास कार्य बजट के अभाव में अधर में लटक गए हैं। करीब 110 गांवों में योजना से जुड़े कार्य अधूरे पड़े हैं, जिन्हें पूरा करने के लिए लगभग 70 करोड़ रुपये की आवश्यकता बताई जा रही है। कार्य अधूरे रहने से ग्रामीणों को पेयजल सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है और जगह-जगह खोदी गई सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि पाइप लाइन बिछाने के लिए कई स्थानों पर सड़कें खोदकर छोड़ दी गई हैं, लेकिन लंबे समय से मरम्मत नहीं कराई गई। इससे राहगीरों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोग गिरकर घायल भी हो चुके हैं। शिकायत करने पर अधिकारियों की ओर से बजट न मिलने की बात कही जाती है।
जिले के ढहाना, हावल, मीरापुर, रसूलपुर बहलोलपुर, हाबिसपुर बिगास, समाना, नंगला गढ़, नंदपुर, नरैना, नवादा, नेकनामपुर, मुक्तेश्वारा श्यामपुर, मुबारकपुर, सलामतपुर, लुखराड़ा, हिम्मतपुर, हिम्मतनगर, हसूपुरा, गिरधरपुर तुमरैल, चित्तौड़, आगापुर सराई, मुरादपुर, निधावली, बीरमपुर, रामपुर, मलकपुर, नली, श्यामनगर, भदस्याना, मुर्शदपुर, टोडरपुर और पारपा समेत कई गांवों में कार्य 80 से 95 प्रतिशत तक पूरा दर्शाया गया है, जबकि कई स्थानों पर ओवरहेड टैंक और पाइप लाइन का निर्माण अभी भी अधूरा पड़ा है।
जल निगम ग्रामीण के अधिशासी अभियंता पंकज सिंह ने बताया कि पिछले दो वर्षों से पर्याप्त बजट नहीं मिलने के कारण कुछ कार्य रुक गए हैं। उन्होंने कहा कि बजट उपलब्ध होते ही शेष निर्माण कार्यों को पूरा कराया जाएगा। साथ ही कई गांवों में निर्माण पूरा होने के बाद पेयजल आपूर्ति भी शुरू कर दी गई है।
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