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आठ करोड़ का नाला भी नहीं रोक पाया जलभराव, लोगों ने उठाए सवाल


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

गढ़ रोड पर करीब आठ करोड़ रुपये की लागत से बने नए नाले के बावजूद जलभराव की समस्या खत्म नहीं हो सकी है। हल्की बारिश के बाद भी सड़क पर पानी भरने से हजारों लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।

                              

स्थानीय लोगों का कहना है कि नाले के निर्माण से पहले अधिकारियों ने दावा किया था कि जलनिकासी की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। लेकिन निर्माण पूरा होने के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं आया है। पिछले चार दिनों में हुई बारिश के दौरान गढ़ रोड पर कई स्थानों पर जलभराव देखने को मिला, जिससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कत हुई।

लोगों का आरोप है कि नाले की दीवार सड़क स्तर से करीब एक फुट ऊंची बना दी गई है। इसके कारण बारिश का पानी नाले में जाने के बजाय सड़क पर ही जमा हो रहा है। वहीं, लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़क को केवल तीन इंच ऊंचा करने की योजना पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा।

एलएन रोड और कई मोहल्ले भी प्रभावित

गढ़ रोड पर जलनिकासी प्रभावित होने का असर आसपास के इलाकों पर भी पड़ रहा है। एलएन रोड पर लगातार जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि इस मार्ग पर तीन स्कूल स्थित हैं और कई मोहल्लों का आवागमन इसी रास्ते से होता है।

इसके अलावा भीमनगर, न्यू भीमनगर, गिरधारी नगर, साकेत कॉलोनी, सर्वोदय कॉलोनी, सुभाष नगर तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास भी जलभराव की शिकायतें सामने आ रही हैं।

कमीशनखोरी के आरोप, जांच की मांग

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद यदि जलनिकासी व्यवस्था प्रभावी नहीं हो सकी तो निर्माण कार्य की गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लोगों का कहना है कि नाले के निर्माण के दौरान भी कई बार विरोध और हंगामा हुआ था, लेकिन शिकायतों पर ध्यान नहीं दिया गया।

अधिकारियों ने आरोपों को बताया निराधार

हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण के प्रभारी सचिव अमित कादियान ने कहा कि नाले का निर्माण नियमानुसार किया गया है और नए नाले के कारण जलभराव की स्थिति नहीं है। उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग सड़क का पुनर्निर्माण करेगा तथा नगर पालिका की ओर से इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाई जाएंगी। इससे जहां पानी भर रहा है, वहां की समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने लोगों द्वारा लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।