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सोटावाली में पूरी रात चला मतदाता सत्यापन, 120 लोगों के नाम फिर शामिल


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़। 

मोहल्ला सोटावाली में एसआईआर से जुड़ी शिकायतों और लापरवाही के आरोपों के बाद प्रशासन ने बुधवार रात से गुरुवार शाम तक विशेष मतदाता सत्यापन अभियान चलाया। इस दौरान टीम ने घर-घर पहुंचकर जांच की और 120 ऐसे मतदाताओं की उपस्थिति दर्ज की, जिन्हें पहले अनुपस्थित या स्थानांतरित की सूची में डाल दिया गया था।

जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय के निर्देश के बाद बीएलओ और अधिकारियों ने पूरी रात क्षेत्र में रुककर सत्यापन और फॉर्म अपडेट का कार्य किया। गुरुवार को भी सभी बूथों पर डिजिटाइजेशन और फॉर्म सत्यापन का काम जारी रहा।

बैठक में उठे थे सवाल

एक दिन पहले डीएम की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा नेता श्यामेंद्र त्यागी और सपा नेता पुरुषोत्तम वर्मा ने कई बीएलओ पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। आरोपों में कहा गया था कि हापुड़ विधानसभा में लगभग 93 हजार नाम गलत श्रेणी — मृतक, अनुपस्थित या स्थानांतरित — में डाल दिए गए हैं।
उसी में सोटावाली और मंडी क्षेत्र की शिकायतें भी शामिल थीं, जहाँ बताया गया कि आधे से ज्यादा मतदाताओं को गलत तरीके से अनुपस्थित दिखा दिया गया।

रात 1 बजे तक चला घर-घर सत्यापन

निर्देश मिलते ही बीएलओ अतुल कुमार और तहसील प्रशासन की टीम सोटावाली पहुँची। रात करीब 1 बजे तक घर-घर जाकर जांच की गई। गुरुवार सुबह 7 बजे से अभियान फिर शुरू किया गया।
यह इलाका श्रमिक तथा नौकरीपेशा लोगों का है, जहाँ अधिकांश लोग दिनभर बाहर रहते हैं, जिसके कारण पहले सत्यापन में कई लोग घर पर नहीं मिले थे।

बीएलओ की जानकारी

बीएलओ अतुल कुमार ने बताया कि उन्हें 847 फॉर्म मिले थे, जिनमें से 230 फॉर्म का सत्यापन और डिजिटाइजेशन पहले ही पूरा हो चुका था।
कई बार घर-घर जाने के बाद भी कुछ लोगों ने फॉर्म नहीं दिए या बताया कि मतदाता अब यहाँ नहीं रहते, इसलिए उनके नाम फॉर्म न देने वाली सूची में चले गए।
गुरुवार को किए गए सत्यापन में 120 लोग मोहल्ले में मौजूद पाए गए और उनके फॉर्म लेकर तुरंत डिजिटाइजेशन किया गया।

शिवपुरी में भी चला सत्यापन

इसी तरह शिवपुरी क्षेत्र के बूथ 107, 108 और 109 के लिए भी शिकायत दर्ज हुई थी। यहाँ भी गुरुवार को देर शाम तक फॉर्म न मिलने वाले मतदाताओं का सत्यापन कार्य जारी रहा।

प्रशासन का बयान

एसडीएम सदर ईला प्रकाश ने कहा—

“बीएलओ कई बार घर-घर गए थे और डिजिटाइजेशन पहले ही पूरा कर लिया गया था। मौके पर एआरओ ने भी जांच की है। जो लोग पहले नहीं मिले, स्थानीय जानकारी के आधार पर उन्हें अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में डाला गया था। गुरुवार को भी कई लोग अपने फॉर्म जमा कर रहे हैं।”