HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़ के शीतगृहों में भंडारित आलू की स्थिति गंभीर हो गई है। लगभग तीन लाख कट्टे अभी भी शीतगृहों में रखे हैं, लेकिन उचित बाजार भाव न मिलने के कारण किसान इन्हें निकाल नहीं पा रहे हैं।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर से शीतगृहों की कूलिंग मशीनें बंद कर दी जाएंगी। कुछ मशीनें पहले ही बंद हो चुकी हैं। इससे आलू खराब होने का खतरा बढ़ गया है, जबकि नए सत्र की तैयारियों के लिए स्टोर्स को खाली करना आवश्यक है।
जिले में पिछले साल आलू का उत्पादन 2.10 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ था, जिससे कई शीतगृह पूरी तरह भरे हुए थे। वर्तमान में पुराने आलू का बाजार मूल्य 250 से 300 रुपये प्रति कट्टा है, लेकिन मंडी तक ले जाने का खर्च अधिक होने के कारण किसान आलू निकालने में हिचकिचा रहे हैं।
उद्यान निरीक्षक सतीश कुमार ने किसानों से अपील की है कि वे समय पर आलू की निकासी करें, ताकि नए सत्र में भंडारण और कूलिंग की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू हो सके।


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