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गढ़मुक्तेश्वर में 50 गोवंश के प्रतिबंधित अवशेष मिलने से हड़कंप, गोकशी का आरोप लगाकर सड़क पर उतरे हिंदू संगठन


HALCHAL INDIA NEWS

गढ़मुक्तेश्वर। जनपद हापुड़ के गढ़मुक्तेश्वर क्षेत्र में मंगलवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब मध्य गंगा नहर की पटरी के पास बड़ी मात्रा में गोवंश के प्रतिबंधित अवशेष मिलने की सूचना सामने आई। मौके पर करीब 50 गोवंश की खालें मिलने की बात सामने आने के बाद क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई और गोकशी का आरोप लगाते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया गया। 


जिलाध्यक्ष मोहित चौधरी ने बताया कि मंगलवार रात कुछ राहगीर मध्य गंगा नहर की पटरी से गुजर रहे थे, तभी उन्हें तेज दुर्गंध महसूस हुई। आसपास देखने पर पटरी के किनारे बोरियां पड़ी नजर आईं। शक होने पर उन्होंने पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जब बोरियों को खुलवाया गया तो उनमें गोवंश के प्रतिबंधित अवशेष, विशेषकर खालें भरी हुई मिलीं। इसके बाद यह खबर तेजी से फैल गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। 


मामले की जानकारी मिलते ही राष्ट्रीय गौ सेवा संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। संगठन ने इसे गोकशी और गोतस्करी से जोड़ते हुए पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। जिला संगठन मंत्री तनुज कश्यप, जिला महामंत्री प्रदीप रावत, जिला प्रवक्ता संजय यादव, नितिन, आकाश, मोहित, अमित सहित अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस की नाकामी के चलते क्षेत्र में लगातार गोवंश की हत्या हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित अवशेष खुलेआम फेंके जाना कानून-व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।


हंगामे के दौरान पुलिस ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया और जांच शुरू कर दी। पुलिस का कहना है कि गोवंश की खालें संभवतः नहर में कहीं पीछे से बहकर आई होंगी, लेकिन राष्ट्रीय गौ सेवा संघ और मौके पर मौजूद लोगों ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। संगठन का कहना है कि प्रतिबंधित अवशेष पानी के अंदर नहीं, बल्कि नहर की पटरी के किनारे पड़े हुए थे, जो सीधे तौर पर गोकशी की ओर इशारा करते हैं।।वहीं राष्ट्रीय गौ सेवा संघ के जिला अध्यक्ष मोहित चौधरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मौके पर हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता और स्थानीय लोग डटे हुए थे और पुलिस जांच में जुटी हुई थी।