HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
ठंड के मौसम में कोल्ड डायरिया के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शहर के अस्पतालों में अब हर चौथा ओपीडी मरीज पेट संबंधी समस्या के साथ आता है। इसके अलावा वायरल फीवर, खांसी-जुकाम और त्वचा रोग के मरीजों में भी इजाफा देखा गया है।
सोमवार को हापुड़ सीएचसी में 1500 और जिला अस्पताल में 1200 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें करीब 200 मरीज पेट दर्द और बुखार के साथ कोल्ड डायरिया से पीड़ित थे। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. संजीव का कहना है कि ठंडी हवाओं और मौसम की सर्दी के कारण यह समस्या अधिक बढ़ रही है।
बाल रोग विभाग में भी बच्चों की संख्या सामान्य दिनों से काफी अधिक रही। सोमवार को 120 से ज्यादा बच्चे परामर्श के लिए आए। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सचिन ने बताया कि ठंड के दौरान बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। नवजात और पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चे विशेष रूप से संवेदनशील हैं। सुबह और शाम की ठंडी हवा, कोहरा और तापमान में अचानक गिरावट बच्चों को जल्दी बीमार कर देती है।
डॉ. सचिन ने चेताया कि यदि शुरुआती सर्दी-जुकाम का समय पर इलाज न किया जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है। बच्चों में तेज सांस, सीने में घरघराहट, लगातार बुखार, खाना या दूध न पीना, अत्यधिक सुस्ती, उल्टी-दस्त या सांस लेने में कठिनाई जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत नजदीकी अस्पताल या चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।




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