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हापुड़।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार 14 मार्च से खरमास की शुरुआत होने जा रही है। इस अवधि के शुरू होते ही विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यक्रमों पर लगभग एक महीने के लिए रोक लग जाती है।
ज्योतिषाचार्य पं. सुबोध पांडेय के मुताबिक 14 मार्च की रात करीब 1:03 बजे सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस राशि परिवर्तन के साथ ही खरमास प्रारंभ माना जाएगा। यह अवधि लगभग एक महीने तक रहेगी।
उन्होंने बताया कि 14 अप्रैल की सुबह करीब 9:30 बजे सूर्य के मेष राशि में प्रवेश करते ही खरमास समाप्त हो जाएगा। इसके बाद फिर से विवाह, गृह प्रवेश और अन्य मांगलिक कार्यक्रम शुरू किए जा सकेंगे।
बताया गया कि इस दौरान सामान्यतः शादी-विवाह जैसे बड़े शुभ कार्य नहीं किए जाते। हालांकि यदि बहुत जरूरी हो तो चैत्र नवरात्र के दिनों में 19 मार्च से 27 मार्च के बीच विवाह को छोड़कर कुछ अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार वर्ष में दो बार खरमास आता है। इस समय को पूजा-पाठ, भजन, कथा सुनने और दान-पुण्य के लिए शुभ माना जाता है। इस दौरान जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करने की परंपरा भी बताई गई है।
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