मेरठ। अपराध नियंत्रण में आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग का असर अब साफ नजर आने लगा है। वर्ष 2025 की राष्ट्रीय स्वचालित अंगुली चिन्ह पहचान प्रणाली (एनएएफआईएस) की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में मेरठ परिक्षेत्र के जनपद बुलंदशहर और मेरठ ने शीर्ष-10 में जगह बनाकर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस उपलब्धि को लेकर हापुड़ सहित पूरे परिक्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
तकनीक से तेज हुई अपराधियों की पहचान
पुलिस उप महानिरीक्षक मेरठ परिक्षेत्र कलानिधि नैथानी ने बताया कि 1 जुलाई 2022 से लागू राष्ट्रीय स्वचालित अंगुली चिन्ह पहचान प्रणाली के अंतर्गत प्रदेश के सभी जनपदों में अंगुली चिन्ह इकाइयों द्वारा अपराधियों के अंगुली चिन्ह का डिजिटल संकलन और विश्लेषण किया जा रहा है। इस प्रणाली से अपराधियों की त्वरित पहचान संभव हो रही है, जिससे अपराधों के अनावरण और गिरफ्तारी में उल्लेखनीय तेजी आई है।
बुलंदशहर अव्वल, मेरठ भी टॉप-10 में शामिल
वर्ष 2025 में की गई अंगुली चिन्ह फीडिंग के आधार पर जारी रैंकिंग में बुलंदशहर ने 9032 अपराधियों के अंगुली चिन्ह दर्ज कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ ने 6217 फीडिंग के साथ सातवां स्थान हासिल किया। यह उपलब्धि परिक्षेत्र की पुलिस के तकनीकी दक्षता और सक्रिय कार्यशैली को दर्शाती है।
हापुड़ समेत सभी जनपदों की हो रही लगातार समीक्षा
डीआईजी ने बताया कि मेरठ परिक्षेत्र के सभी जनपदों, जिनमें हापुड़ भी शामिल है, में एनएएफआईएस प्रणाली के अंतर्गत कार्यों की नियमित समीक्षा की जा रही है। जनपद प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि तकनीक का अधिकतम उपयोग कर अपराध नियंत्रण को और मजबूत किया जा सके।
पुलिस कर्मियों की सराहना, आगे और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
डीआईजी कलानिधि नैथानी ने इस उपलब्धि के लिए सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिए कि भविष्य में भी इसी प्रकार संवेदनशीलता, जवाबदेही और तकनीकी दक्षता के साथ कार्य करते हुए कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाए।
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