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हापुड़।
जिले में उर्वरक सब्सिडी घोटाले के 200 करोड़ रुपये के दावे को जांच में फर्जी पाया गया। शिकायतकर्ता द्वारा पेश किए गए साक्ष्य आधारहीन साबित हुए हैं। इस पर जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को रिपोर्ट भेज दी गई है।
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश के अनुसार, अप्रैल से अगस्त 2025 तक जिले में 11,101 मीट्रिक टन यूरिया की बिक्री हुई, जिसमें निजी फर्मों को मात्र 4,056 मीट्रिक टन यूरिया मिला, जिसकी कीमत लगभग 2.40 करोड़ रुपये है। शिकायतकर्ता ने यूरिया और अमोनियम सल्फेट को जिले से बाहर बेचने और एक ही किसान के नाम पर 80 से अधिक कट्टे देने जैसे आरोप लगाए थे। साथ ही कथित पोर्टल डेटा भी पेश किया था।
गोपनीय टीम द्वारा किए गए मिलान और जांच में पाया गया कि शिकायतकर्ता के द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य असत्य हैं। पोर्टल रिकॉर्ड के अनुसार अप्रैल से सितंबर तक जिले में कुल 6.57 करोड़ रुपये का यूरिया ही बिक्री हुआ। ऐसे में 200 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप निराधार है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर रिपोर्ट शासन को भेजी गई है और इस मामले में एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। गौरव प्रकाश ने बताया कि शिकायतकर्ता ने शपथ पत्र सहित कोई वैध साक्ष्य नहीं दिए, जिससे यह आरोप भ्रामक साबित हुए।



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