HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
कलक्ट्रेट परिसर में वायु गुणवत्ता की जानकारी देने के लिए लगी निगरानी प्रणाली लगातार दूसरे दिन भी काम नहीं कर सकी। मशीन और डिस्प्ले बोर्ड में तकनीकी खराबी के चलते जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) दर्ज नहीं हो पाया, जिससे प्रदूषण की वास्तविक स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और समीर एप के अनुसार सोमवार को देश के 53 शहरों से वायु गुणवत्ता से जुड़े आंकड़े जारी नहीं किए जा सके। हालांकि एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जिले की हवा भी संतोषजनक स्तर पर नहीं है।
जानकारी के मुताबिक शनिवार को जिले का औसत AQI 355 रिकॉर्ड किया गया था, लेकिन उसी दिन शाम के बाद से मॉनिटरिंग सिस्टम खराब हो गया। जिले में प्रदूषण मापने के लिए कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था भी मौजूद नहीं है।
गौरतलब है कि इस वर्ष वायु प्रदूषण के मामलों में जिला कई बार देशभर में शीर्ष स्तर पर रहा है, इसके बावजूद निगरानी उपकरणों की अनदेखी सामने आ रही है। वहीं, ग्रैप-3 के नियमों का पालन भी प्रभावी रूप से होता नजर नहीं आ रहा है। सड़कों पर कूड़ा जलने और धूल उड़ने जैसी समस्याएं बनी हुई हैं।
सोमवार को हवा की रफ्तार करीब आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही, जिससे प्रदूषण के स्तर में कुछ गिरावट आने की संभावना जताई गई है। इसके बावजूद लोगों को सांस लेने में तकलीफ और आंखों में जलन की शिकायतें बनी हुई हैं।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि खराब पड़ी मशीन और डिस्प्ले को ठीक कराने के लिए तकनीकी टीम को लगाया गया है। जल्द ही सिस्टम सुचारु होने के बाद जिले के AQI की नियमित जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।


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