HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
जिले में उर्वरक वितरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। गढ़ रोड क्षेत्र की एक ट्रेडिंग फर्म पर किसानों ने आरोप लगाया है कि उनके आधार कार्ड का इस्तेमाल कर तय सीमा से अधिक खाद उठाई गई। यह कथित अनियमितता नवंबर और दिसंबर महीने में हुई बताई जा रही है।
किसानों को इस गड़बड़ी की जानकारी तब मिली, जब सहकारी समितियों में बायोमेट्रिक सत्यापन कराया गया। जांच के दौरान रिकॉर्ड में किसानों के नाम पर ज्यादा मात्रा में खाद दर्ज मिली, जबकि वास्तव में उन्हें उतनी खाद नहीं दी गई थी।
किसानों का कहना है कि कुछ लोग इस तरीके से सरकारी सब्सिडी का गलत फायदा उठा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि अतिरिक्त यूरिया को अन्य जगहों या औद्योगिक इकाइयों में भेजा गया। इस मामले को लेकर किसानों ने जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है।
बताया जा रहा है कि जिले में इससे पहले भी उर्वरकों की अनियमित बिक्री के मामले सामने आ चुके हैं। हाल ही में कृषि विभाग की कार्रवाई में गढ़ रोड स्थित एक कंपनी पर छापेमारी हुई थी, जहां नियमों के विपरीत खाद बिक्री पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किए गए थे।
पीड़ित किसानों के अनुसार, खाद की कमी के समय कुछ विक्रेता किसानों से आधार कार्ड लेकर एक कट्टा देते हैं, लेकिन रिकॉर्ड में दो या उससे अधिक कट्टे दिखा देते हैं। बाद में वही खाद कहीं और भेजकर सब्सिडी की राशि हड़प ली जाती है।
जिला कृषि अधिकारी गौरव प्रकाश ने बताया कि किसानों से मौखिक शिकायत मिली है और लिखित शिकायत भी मांगी गई है। पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में खाद की कालाबाजारी किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी।


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