HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़।
जिले में ठंड का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार की सुबह घना कोहरा छाए रहने से पूरे इलाके में दृश्यता बेहद कम रही। सुबह तड़के ही सड़कों पर धुंध की मोटी परत दिखी, जिसके चलते वाहन चालकों को लाइट जलाकर बेहद धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ा।
कड़ाके की ठंड और गलन के कारण आम जनजीवन पर गहरा असर पड़ा। लोग ठिठुरन से बचने के लिए घरों में सीमित रहे, जबकि बाहर निकले लोग जगह-जगह जलते अलाव के आसपास जमा दिखाई दिए। हाईवे पर हालात ज्यादा खराब रहे, जहां कुछ मीटर की दूरी पर चल रहे वाहन भी नजर नहीं आ रहे थे। सुरक्षा के चलते कई चालकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए और मौसम साफ होने का इंतजार किया। रविवार की छुट्टी के बावजूद बाजारों में सामान्य दिनों जैसी चहल-पहल देखने को नहीं मिली।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले का अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान आठ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा की गति लगभग छह किलोमीटर प्रति घंटा रही, जबकि नमी का स्तर 62 प्रतिशत तक पहुंच गया। ठंड से बचाव के लिए लोग गर्म कपड़ों के साथ टोपी, मफलर और जैकेट का सहारा लेते दिखे।
दोपहर के समय कुछ देर के लिए धूप निकलने से राहत महसूस हुई, लेकिन शाम होते-होते फिर से ठंड बढ़ गई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि फिलहाल मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। आने वाले तीन दिनों तक घना कोहरा छाए रहने और गलन बनी रहने की आशंका है, जिससे नए साल की शुरुआत भी ठंड के बीच होने की संभावना है।
कोहरे के साथ बढ़ा प्रदूषण स्तर
कोहरे के कारण जिले में वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। प्रदूषण बढ़ने से सांस के रोगियों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ी है, साथ ही आंखों में जलन की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। सुबह सैर करने वालों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है। रविवार को जिले का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक 264 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है।



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