HALCHAL INDIA NEWS
हापुड़/पिलखुवा/गढ़मुक्तेश्वर। कागजों में मॉडल गांव होने का दर्जा पाने वाले कई गांवों में असलियत कुछ और ही है। ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल की कमी, गंदगी और जर्जर रास्तों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। मुख्य मार्गों पर कूड़े के ढेर लगे हैं और उनका नियमित निस्तारण नहीं हो रहा, जिससे गांवों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
जिले में कुल 273 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें 236 राजस्व गांव शामिल हैं। सभी राजस्व गांवों को मॉडल गांव की श्रेणी में रखा गया है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। कई कूड़ा निस्तारण केंद्र बंद हैं और कूड़ा वहां तक पहुंचाने की व्यवस्था भी नहीं है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है। इस कारण लोग परेशान हैं और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ रहे हैं।
इस मामले पर डीपीआरओ शिव बिहारी शुक्ला ने कहा कि संबंधित गांवों में समस्याओं की जांच कराई जाएगी और उन्हें सुधारने के लिए टीम गठित की जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि जल्द ही कमियों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे।




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