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मोबाइल नंबर के जरिए फैला रखा था भ्रूण लिंग जांच का नेटवर्क, छापे के दौरान मुख्य आरोपी फरार


HALCHAL INDIA NEWS

झज्जर। अवैध भ्रूण लिंग जांच के मामले में स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्रवाई में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि इस गिरोह का मुख्य आरोपी अलग-अलग जिलों में अपने परिचितों के माध्यम से मोबाइल नंबर फैलाकर लोगों से संपर्क करवाता था और उसी के जरिए सौदे तय किए जाते थे।

सूत्रों से जानकारी मिलने के बाद विभाग ने आरोपी से संपर्क किया और जांच के लिए 35 हजार रुपये में सौदा तय किया। इसके बाद टीम ने छापेमारी की योजना बनाई। कार्रवाई के दौरान आरोपी एजेंट टीम को देखकर मौके से फरार हो गया। बताया जाता है कि वह मकान की छत से होते हुए आसपास के कई घरों की छत पार कर भाग निकला।

पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। फरार आरोपी अश्वनी गाजियाबाद के एक निजी मेडिकल कॉलेज में लैब टेक्नीशियन के पद पर कार्यरत बताया जा रहा है। वहीं छापेमारी के दौरान पकड़े गए दो आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।

जांच में सामने आया है कि गाजियाबाद निवासी बलवान सिंह पोर्टेबल मशीन की मदद से अल्ट्रासाउंड करता था, जबकि हापुड़ जिले के उबारपुर गांव निवासी वसीम इस काम में उसका सहयोगी था। फरार आरोपी अश्वनी लोगों को उपलब्ध कराकर पूरे नेटवर्क को संचालित करता था। पुलिस के अनुसार वह पहले भी वर्ष 2020 में इसी तरह के मामले में पकड़ा जा चुका है।

नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार के मुताबिक जिस मकान में जांच की गई, वहां एक महिला अपनी दो बेटियों के साथ रहती है और उसका पति विदेश में काम करता है। महिला की आरोपी से पहले अस्पताल में पहचान हुई थी। उसी पहचान के आधार पर आरोपी ने उसके घर का इस्तेमाल इस अवैध काम के लिए करना शुरू कर दिया।

महिला ने कार्रवाई के बाद अधिकारियों को बताया कि उसे लगा था कि उसकी बेटी की थायराइड जांच के लिए लोग घर आ रहे हैं, इसलिए उसे किसी अवैध गतिविधि का संदेह नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।