हापुड़ में ज्येष्ठ माह की अमावस्या पर मनाया जाने वाला वट सावित्री व्रत इस वर्ष 16 मई को रखा जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं व्रत रखकर वट वृक्ष की पूजा करेंगी और पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य व सुखी वैवाहिक जीवन की प्रार्थना करेंगी।
ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी के अनुसार अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 5:11 बजे शुरू होकर देर रात 1:30 बजे तक रहेगी। मध्याह्न व्यापिनी तिथि होने के कारण वट सावित्री पूजन का शुभ समय राहुकाल समाप्त होने के बाद सुबह 10:35 बजे से माना गया है।
उन्होंने बताया कि पौराणिक मान्यता के अनुसार सावित्री ने इसी दिन वट वृक्ष की पूजा कर अपने पति सत्यवान के प्राण यमराज से वापस प्राप्त किए थे। इसी कारण यह व्रत अखंड सौभाग्य और पति की लंबी आयु के लिए विशेष महत्व रखता है।
श्री सनातन ज्योतिष कर्मकांड महासभा की महिला प्रदेशाध्यक्ष प्रीति पांडेय ने बताया कि अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11:50 बजे से 12:45 बजे तक रहेगा, जिसे पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना गया है।
व्रत के दौरान महिलाएं स्नान कर सोलह श्रृंगार करती हैं और वट वृक्ष के नीचे पूजा-अर्चना करती हैं। वृक्ष की जड़ में जल, दूध और गंगाजल अर्पित कर रोली, हल्दी व चंदन चढ़ाया जाता है। इसके बाद कलावा बांधकर 7, 11 या 21 परिक्रमा की जाती हैं। पूजा के अंत में धूप-दीप जलाकर आरती की जाती है। व्रत का पारण अगले दिन 17 मई को किया जाएगा।
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