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सीवर लाइन योजना को झटका, शहरवासियों को अभी करना होगा इंतजार


HALCHAL INDIA NEWS

हापुड़ शहर में सीवरेज व्यवस्था सुधारने की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। करीब 800 करोड़ रुपये की अमृत योजना को शासन से मंजूरी नहीं मिल सकी है। बजट की कमी का हवाला देते हुए फिलहाल धनराशि जारी करने से इनकार कर दिया गया है। इससे शहर की पुरानी सीवर समस्या का समाधान अभी टल गया है।

शहर की करीब तीन लाख आबादी लंबे समय से जाम और टूटी सीवर लाइनों की परेशानी झेल रही है। कई इलाकों में नालियों और सड़कों पर गंदा पानी बहने से लोगों को बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ता है। पुराने मोहल्लों में डाली गई सीवर लाइनें 30 साल से अधिक पुरानी बताई जा रही हैं, जो अब पूरी तरह जर्जर और चोक हो चुकी हैं।

कुछ वर्ष पहले शहर में सीमित क्षेत्र में सीवरेज पाइप लाइन और ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण कराया गया था, लेकिन उसका अपेक्षित लाभ लोगों को नहीं मिल पाया। ऐसे में पूरे शहर के लिए नई सीवर लाइन योजना तैयार की गई थी, जिसके तहत व्यापक स्तर पर पाइप लाइन बिछाने और सीवरेज व्यवस्था दुरुस्त करने का प्रस्ताव भेजा गया था।

वर्तमान में कई इलाकों में लोग घरों के अंदर अस्थायी सीवरेज गड्ढे बनवाकर समस्या से राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह व्यवस्था स्थायी समाधान नहीं मानी जा रही। दूसरी ओर नगर पालिका सीवर टैक्स वसूलने के बावजूद मशीनों के सहारे मैनहोल की सफाई कराकर व्यवस्था संभाल रही है।

शहर में पेयजल पाइप लाइन बिछाने के कई प्रोजेक्ट चल रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि सीवरेज योजना को भी मंजूरी मिल जाती तो एक साथ दोनों काम होने से बार-बार सड़कों की खुदाई से बचा जा सकता था।

जल निगम के अधिकारियों के अनुसार पूरे शहर में नई सीवर लाइन बिछाने के लिए बड़े बजट की जरूरत है और योजना को स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे काम शुरू हो सकेगा।