हापुड़।
जनपद के ग्राम हैदर नगर नंगोला में बुधवार को प्रशासन की बड़ी बुलडोजर कार्रवाई ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। न्यायालय के आदेश पर तालाब की जमीन पर बने अवैध निर्माणों को हटाने पहुंची प्रशासनिक टीम ने सपा जिला उपाध्यक्ष अय्यूब सिद्दीकी की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला दिया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल तैनात रहा और मौके पर पहुंचे सपा कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध प्रदर्शन करते हुए सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
जानकारी के अनुसार ग्राम हैदर नगर नंगोला स्थित तालाब की भूमि पर बने करीब 40 मकानों को प्रशासन द्वारा पूर्व में नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के बावजूद अवैध निर्माण नहीं हटाए गए। करीब एक सप्ताह पूर्व उपजिलाधिकारी इला प्रकाश राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंची थीं और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कर कार्रवाई के संकेत दिए थे।
बुधवार को प्रशासनिक अमला भारी पुलिस फोर्स और बुलडोजर के साथ गांव पहुंचा। जैसे ही प्रशासन की टीम सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी की कोठी की ओर बढ़ी तो रास्ते में बड़ी-बड़ी मशीनें और ट्रॉली खड़ी कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया गया। पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए रास्ते में खड़ी बाधाओं को हटवाया और बुलडोजर को आगे बढ़ाया।
कार्रवाई शुरू होने से पहले पुलिस अधिकारियों ने लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों से अपील की कि वह मकानों से दूर हट जाएं और किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करें। इसके बाद बुलडोजर ने तालाब की भूमि पर बनी सपा नेता की आलीशान कोठी को ध्वस्त करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते कोठी का बड़ा हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया।
उधर, जैसे ही सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को कार्रवाई की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौके की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उन्हें मौके तक पहुंचने से रोक दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए प्रशासन पर पक्षपातपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया।
पूर्व सपा जिलाध्यक्ष किशन सिंह तोमर ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन से दोपहर एक बजे तक का समय मांगा गया था क्योंकि न्यायालय से स्टे मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी बात नहीं मानी और जल्दबाजी में बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार राजनीतिक द्वेष के चलते सपा नेताओं को निशाना बना रही है। सपा ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाली नहीं है।
काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन और हंगामे के बाद प्रशासन ने केवल दो लोगों को मौके पर जाने की अनुमति दी। इसके बाद किशन सिंह तोमर और सपा नेता सुधीर चौहान मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। कुछ देर बाद दोनों नेता वापस लौट आए।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार तालाब की भूमि पर बने करीब 40 मकानों को नोटिस दिया गया है और आने वाले दिनों में अन्य अवैध निर्माणों पर भी कार्रवाई जारी रहेगी। गांव में किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल देर शाम तक तैनात रहा।







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