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तनाव बना ‘साइलेंट किलर’, जीएस मेडिकल कॉलेज में विशेषज्ञों ने दिए तनावमुक्त जीवन के मंत्र


HALCHAL INDIA NEWS

पिलखुवा। आधुनिक जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा और कार्यस्थल के दबाव के बीच मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से हापुड़ रोड स्थित जीएस मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में “तनाव प्रबंधन एवं विवाद समाधान” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में चिकित्सकों और संकाय सदस्यों को तनाव से बचाव और सकारात्मक कार्य संस्कृति विकसित करने के व्यावहारिक उपाय बताए गए।

कार्यक्रम का आयोजन संस्थान की डॉ. मधुबाला के नेतृत्व में किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे प्रसिद्ध विशेषज्ञ प्रो. (डॉ.) एन.के. सिंह, डीन तीर्थंकर महावीर मेडिकल कॉलेज ने तनाव के वैज्ञानिक और व्यवहारिक पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सीमित मात्रा में तनाव व्यक्ति को चुनौतियों का सामना करने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करता है, लेकिन जब यही तनाव लंबे समय तक बना रहता है तो यह ‘साइलेंट किलर’ बनकर शरीर और मस्तिष्क दोनों को गंभीर नुकसान पहुंचाने लगता है।


उन्होंने कहा कि वर्तमान समय की भागदौड़ भरी जिंदगी और गलाकाट प्रतिस्पर्धा मानसिक विकारों का प्रमुख कारण बन रही है। ऐसे में मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों ने तनाव कम करने के लिए गहरी श्वास प्रक्रिया, नियमित व्यायाम, योग और पर्याप्त नींद को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर दिया।

कार्यशाला में यह भी बताया गया कि जीवन में छोटे-छोटे सकारात्मक बदलाव मानसिक शांति के लिए बेहद कारगर साबित हो सकते हैं। पौधारोपण करना, डायरी लिखना और प्रकृति के बीच समय बिताना तनाव कम करने के सरल लेकिन प्रभावी उपाय हैं।


इस दौरान डॉ. अंकित शर्मा, सीईओ डॉ. नेहा गोयल,डॉ. रूपाली शर्मा, डॉ. प्रदीप गर्ग, डॉ. एस. कुमार, डॉ. शरद गोयल, उपनिदेशक मनोज शिशोदिया और एस.एन. सिंह समेत कई वरिष्ठ चिकित्सक एवं अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने कहा कि स्वस्थ मन ही स्वस्थ समाज की नींव है। तनावमुक्त जीवनशैली अपनाकर ही व्यक्ति अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में बेहतर संतुलन स्थापित कर सकता है।